डाकिया से उप डाकपाल बने धनबाद के पोस्टल कर्मी प्रभात रंजन पर सीबीआई का शिकंजा, आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज

KK Sagar
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धनबाद। डाकिया से उप डाकपाल तक का सफर तय करने वाले धनबाद के चर्चित पोस्टल कर्मचारी प्रभात रंजन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रिश्वत मामले में पहले ही सीबीआई के शिकंजे में आ चुके प्रभात रंजन के खिलाफ अब आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है। धनबाद स्थित सीबीआई एंटी करप्शन ब्रांच ने इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रिश्वत कांड के बाद अब संपत्ति जांच

इससे पहले 12 फरवरी 2025 को सीबीआई ने प्रभात रंजन को ₹30,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। वह ग्रामीण डाक सेवक अमन कुमार को मल्टी टास्क स्टाफ (MTS) बनाने के एवज में रिश्वत ले रहे थे। अमन कुमार गोविंदपुर के केके पॉलिटेक्निक उप डाकघर में पदस्थापित थे।

इस मामले में प्रभात रंजन को बाद में हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ गए थे।

91 लाख से अधिक की संपत्ति पाई गई

सीबीआई द्वारा की गई जांच में 1 जनवरी 2015 से 13 फरवरी 2025 के बीच प्रभात रंजन और उनके परिवार की संपत्ति की जांच की गई। जांच में खुलासा हुआ कि—

👉 1 जनवरी 2015 को प्रभात रंजन की कुल संपत्ति मात्र ₹1.06 लाख थी

👉 13 फरवरी 2025 तक उनकी संपत्ति बढ़कर ₹96 लाख से अधिक हो गई

👉 इस तरह ₹91 लाख से अधिक की आय से अधिक संपत्ति पाए जाने का दावा सीबीआई ने किया है

इसी आधार पर उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जेल से बाहर आने के बाद नई पोस्टिंग

जमानत पर रिहा होने के बाद प्रभात रंजन की पोस्टिंग सेंट्रलाइज्ड डिलीवरी ऑफिस में की गई थी। फिलहाल वह वहीं अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

डाकिया से उप डाकपाल तक का सफर

प्रभात रंजन ने अपने करियर की शुरुआत 18 जुलाई 1987 को डाकिया के रूप में की थी।

मार्च 1996: पोस्टल असिस्टेंट बने।

👉 अगस्त 2016 तक: धनबाद हेड पोस्ट ऑफिस में पोस्टल असिस्टेंट

👉 2016: बीसीसीएल टाउनशिप डाकघर में स्थानांतरण, लोअर सिलेक्शन ग्रेड में प्रमोशन

25 जनवरी 2021 से 19 जून 2024: नया बाजार डाकघर में डाकपाल

👉 इसके बाद दोबारा बीसीसीएल टाउनशिप डाकघर में पोस्टिंग

👉 12 फरवरी 2025: इसी पद पर रहते हुए रिश्वत लेते सीबीआई के हाथों गिरफ्तार

सीबीआई की जांच जारी

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्ति के बीच भारी अंतर पाए जाने के कारण आगे की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में प्रभात रंजन से पूछताछ और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा सकती है।

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