डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के संगठित अपराधी गिरोहों के खिलाफ चाईबासा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा गिरोह के सक्रिय सदस्य और शूटर समीर अंसारी उर्फ नसरू को गिरफ्तार कर लिया है। समीर पर अक्टूबर 2024 में चाईबासा मंडल कारा (जेल) के मुख्य द्वार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने का आरोप है।
दहशत के पीछे ‘गैंगवार’ का कनेक्शन
सदर थाना प्रभारी तरुण कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह फायरिंग किसी सामान्य विवाद में नहीं, बल्कि जेल के भीतर और बाहर खौफ पैदा करने की एक सोची-समझी साजिश थी। साल 2024 में जब कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू चाईबासा जेल में बंद था, तब सुजीत सिन्हा गिरोह के गुर्गों ने वर्चस्व कायम करने और पुलिस प्रशासन को चुनौती देने के लिए जेल गेट पर गोलियां बरसाई थीं।
तकनीकी जांच से दबोचा गया शूटर
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने इस मामले में तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की।
गिरफ्तार अपराधी: समीर अंसारी उर्फ नसरू (निवासी: महुडंडवा, पलामू)।
बरामदगी: घटना में इस्तेमाल की गई काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल।
आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार समीर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पलामू क्षेत्र से गिरोह का संचालन करने में मदद करता था।
बाकी तीन शूटरों की तलाश तेज
पूछताछ के दौरान समीर ने जेल फायरिंग में शामिल अपने तीन अन्य साथियों के नामों का भी खुलासा किया है। थाना प्रभारी ने बताया कि इन अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। फिलहाल, समीर अंसारी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

