डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: झारखंड विधानसभा चुनाव के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। वहीं ,सरायकेला सीट पर अब तक छह राउंड की गिनती पूरी हो चुकी है। भाजपा उम्मीदवार चंपई सोरेन ने 35,000 से अधिक वोटों की बढ़त बना ली है। झामुमो के उम्मीदवार गणेश महली इस बढ़त को पाटने में असफल नजर आ रहे हैं। इस सीट पर कुल 15 राउंड की गिनती होनी है, और शुरुआती रुझानों में भाजपा मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है।
झामुमो का गढ़, लेकिन इस बार बदले समीकरण
सरायकेला सीट सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, जहां झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का हमेशा से प्रभाव रहा है। झामुमो ने यहां बार-बार जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा ने कड़ी टक्कर दी लेकिन कभी जीत हासिल नहीं कर पाई। इस बार समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं, क्योंकि झामुमो के दिग्गज नेता चंपई सोरेन भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
2005 से चंपई सोरेन का रहा है दबदबा
सरायकेला सीट पर 2005 से चंपई सोरेन का दबदबा है। वह 2005, 2009, 2014, और 2019 में लगातार चार बार विधायक चुने गए। झारखंड विधानसभा के इतिहास में इस सीट पर उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। हालांकि, इस बार वह भाजपा के बैनर तले मैदान में हैं, और शुरुआती नतीजे उनकी बढ़त को दर्शा रहे हैं।
इस बार क्या बदलेगा इतिहास?
चंपई सोरेन का भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़ना सरायकेला की राजनीति में बड़ा बदलाव है। इस बार उनकी बढ़त को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि वह न केवल व्यक्तिगत जीत दर्ज करेंगे, बल्कि भाजपा के लिए भी इतिहास रच सकते हैं। झामुमो के लिए यह सीट गंवाना एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
आखिरी परिणाम पर टिकी निगाहें
सरायकेला सीट पर अंतिम नतीजे 15 राउंड की गिनती के बाद सामने आएंगे। फिलहाल भाजपा की बढ़त को देखते हुए कार्यकर्ता और समर्थक उत्साहित हैं, लेकिन झामुमो भी आखिरी पल तक अपनी रणनीति में बदलाव की संभावना तलाश रहा है।