डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के जल संसाधन विभाग ने चांडिल डैम और उससे जुड़ी कॉलोनियों को ‘ग्रीन एनर्जी’ से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली है। सुवर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना के तहत अब चांडिल डैम परिसर और विभागीय कार्यालयों में 750 किलोवाट क्षमता का सोलर पावर सिस्टम लगाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 4.92 करोड़ रुपये के बजट को प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।
बिजली बिल में होगी 13 लाख तक की बचत
इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा आर्थिक बचत के रूप में दिखेगा। वर्तमान में डैम और आवासीय कॉलोनियों में पारंपरिक बिजली का इस्तेमाल होता है, जिसका बिल लाखों में आता है। विभाग के अनुसार सोलर प्लांट लगने के बाद हर महीने करीब 12 से 13 लाख रुपये के बिजली बिल से राहत मिलेगी। अगले 5 सालों तक सिस्टम के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी। लगभग चार दशक पुराने पारंपरिक बिजली कनेक्शनों को बंद कर दिया जाएगा।
कहां-कहां लगेंगे सोलर पैनल?
प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है। मुख्य रूप से इन जगहों पर फोकस रहेगा।
विभागीय कार्यालय: सेंट्रल स्टोर, भू-अर्जन कार्यालय और पुनर्वास कार्यालय।
आवासीय परिसर: चांडिल डैम स्थित कॉलोनी और सात अन्य विभागीय कार्यालय।
लिफ्ट इरिगेशन: मेगा लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट्स में भी सोलर पैनल लगाने की तैयारी है।
मुख्य अभियंता आरएन प्रसाद ने बताया कि चांडिल यांत्रिक प्रमंडल को इस दिशा में काम शुरू करने के निर्देश दे दिए गए हैं। आगामी 6 महीनों के भीतर इस पूरे प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।
पर्यावरण और विकास का मेल
यह कदम न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम करेगा, बल्कि कार्बन फुटप्रिंट घटाने में भी मदद करेगा। चांडिल डैम जैसे पर्यटन स्थल पर सोलर एनर्जी का उपयोग पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा संदेश है। ऊर्जा ऑडिट के बाद ही इस पूरे सेटअप को डिजाइन किया गया है, ताकि अधिकतम कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा सके।

