मां दूसरे के घर मे करती है चौका बर्तन तो पिता हैं राजमिस्त्री
पी के राय कालेज में BA 1st सेमेस्टर का है छात्र, पार्ट टाइम करता है डिलीवरी बॉय का काम
मिरर मीडिया : नाम बड़े और दर्शन छोटे वाली कहावत धनबाद में उस वक्त चरित्रार्थ हुई जब 75 करोड़ का ट्रांजेक्शन करने वाले कारोबारी को ढूंढने आयकर विभाग की टीम पहुंची और उनके हाथ लगा जोमैटो डिलीवरी बॉय मोनू कुमार जो सरायढेला महतो टोला में दो हजार रुपये के किराए के कमरे में रहता है। उसके पिता राजमिस्त्री का काम करते हैं और मां दूसरे के घरों में झाड़ू-पोंछा लगाती है, लेकिन मोनू के खाते से पिछले कुछ माह में 75 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है जबकि उसे इसकी भनक तक नहीं है।

आश्चर्य की बात यह है मोनू या उसके परिवार को इसकी भनक तक नहीं लगी और उसके नाम के बैंक खाते से लगातार करोड़ों का ट्रांजेक्शन होता रहा। गुरुवार को आयकर विभाग की टीम ने मोनू के घर जब छापा मारा तो आयकर अधिकारी सन्न रह गए और यह मामला प्रकाश में आया।
आयकर सूत्रों के अनुसार ,मोनू के आधार और पैन का प्रयोग कर बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन किया गया है। जांच करने के बाद रिपोर्ट गुरुवार को ही मुख्यालय भेज दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कोयला कारोबारी अमित अग्रवाल एंड सिंडिकेट ने सुनियोजित तरीके से यह गड़बड़ी की है। मोनू समेत कई लोगों के आधार और पैन का प्रयोग कर इस तरह का ट्रांजेक्शन किया गया है। मोनू के आधार व पैन के माध्यम से 70 से 75 करोड़ रुपये की बोगस खरीदारी की गई। इस मामले को लेकर आयकर विभाग ने धनबाद समेत, रांची, कोलकाता, गिरिडीह, बोकारो और जमशेदपुर में एक साथ छापेमारी की है।

पूरे मामले में मोनू की माँ ने बताया कि वह तो रोजाना फूड डिलीवरी करने का काम करता है। कुछ दिन पहले साइबर कैफे में कुछ अपडेट कराने गया तो साइबर कैफे संचालक ने बताया कि आपके खाते में काफी रुपये का लेनदेन हो रह है। इसके बाद कोर्ट में जाकर सनहा भी दर्ज कराया। उन्होंने स्वीकार किया कि बेरोजगार बेटे ने नौकरी के लिए अपने एक दोस्त को रिज्यूम,पैन कार्ड और आधार कार्ड दिया था।उसके बाद बगैर उनकी जानकारी ये बड़ी ट्रांजैक्शन हो गयी इसमे उनके बेटे या परिवार के किसी सदस्य की कोई सहभागिता नही है।
वहीँ आयकर सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अमित अग्रवाल कोलकाता का कारोबारी है। कोयला और लोहे के स्क्रैप का कारोबार है। झारखंड के जमशेदपुर समेत अन्य जिलों में भी कारोबार फैला हुआ है। गलत तरीके से माइनिंग लीज आवंटन का भी उसके विरुद्ध मामला दर्ज है। जमीन फर्जीवाड़ा कर उस राशि की मनी लाउंड्रिंग का भी उसपर आरोप है।
बहरहाल जिस तरह से जांच में चौंकाने वाले तथ्य आए हैं ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है और किसी भी अनजान व्यक्ति या साइबर में इआधार और पैन का उपयोग करने से पहले सजग रहने की जरूरत है ताकि उनके खाते का उपयोग कर फर्जी वाड़ा ना किया जा सके
हालांकि आयकर विभाग द्वारा कागजी प्रक्रिया कर अग्रतर कार्रवाई हेतु मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी गई है

