डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम स्थित सारंडा के घने जंगलों को दहलाने की नक्सलियों की एक और कोशिश सामने आई है। छोटानागरा थाना क्षेत्र के चडरीडेरा गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाए गए एक प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से कोबरा 209 बटालियन के दो जांबाज जवान घायल हो गए। सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की इस हताश कोशिश के बावजूद, इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।
घटना का विवरण: सर्च ऑपरेशन के दौरान हुआ धमाका
जानकारी के अनुसार, जिला पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम नक्सलियों के गढ़ में घुसकर सर्च ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए आईईडी पर पैर पड़ते ही जोरदार धमाका हुआ। महाराष्ट्र निवासी हवलदार दिनेश राउत इस विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि उनका बायां पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पंजाब के बलजिंदर सिंह को छर्रे (स्प्लिंटर) लगने से चोटें आई हैं, हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है।
त्वरित एक्शन: एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया
धमाके के तुरंत बाद मोर्चा संभालते हुए जवानों ने इलाके की घेराबंदी की और घायल साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों घायल जवानों को तत्काल एयरलिफ्ट कर रांची भेजा गया, जहाँ उनका इलाज जारी है। अधिकारी अमित रेणु ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ हमारा अभियान निरंतर जारी है। यह ब्लास्ट सुरक्षाबलों को रोकने की एक हताश कोशिश है, लेकिन हमारे जवानों का मनोबल इससे कम नहीं होगा।
ग्रामीणों पर भी मंडरा रहा है खतरा
सारंडा के इन जंगलों में नक्सलियों ने न केवल सुरक्षाबलों बल्कि निर्दोष ग्रामीणों के लिए भी ‘डेथ ट्रैप’ बिछा रखा है। गौरतलब है कि हाल ही में इन्हीं आईईडी विस्फोटों की चपेट में आकर दो ग्रामीणों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। नक्सलियों की यह रणनीति अब सीधे तौर पर स्थानीय लोगों के लिए काल बन रही है।

