बंगाल चुनाव: निष्पक्षता पर आयोग का कड़ा रुख, पूर्व मेदिनीपुर के DM समेत 6 IAS अधिकारियों पर गिरी गाज

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव आयोग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रहा है। प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए पूर्व मेदिनीपुर के जिला मजिस्ट्रेट सहित छह IAS अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है।

DM पर गिरी गाज, आरोपों ने बढ़ाई सख्ती
इस फेरबदल की सबसे बड़ी खबर पूर्व मेदिनीपुर के डीएम उन्नीस रिशिन इस्माइल को पद से हटाना रही। उन पर चुनाव की घोषणा के ठीक पहले संविदा कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के गंभीर आरोप लगे थे। आयोग ने इन आरोपों को चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला मानते हुए उन्हें पदमुक्त कर दिया है। उनकी जगह अब निरंजन कुमार पूर्व मेदिनीपुर के नए डीएम की कमान संभालेंगे।

चुनावी ड्यूटी में फेरबदल की मुख्य बातें
आयोग ने केवल डीएम ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर भी रणनीतिक बदलाव किए हैं।

संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर: तेजस्वी राणा (विशेष सचिव, उत्तर 24 परगना) को भाटपारा विधानसभा क्षेत्र का रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है।

रणनीतिक तैनाती: अलीपुरद्वार, पूर्व बर्दवान, झाड़ग्राम और बांकुरा के ADM अधिकारियों को मुर्शिदाबाद, बांकुरा और मालदा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

अधिकारी का नाम /नई जिम्मेदारी/क्षेत्र
आदित्य विक्रम मोहन/ रानीनगर / मुर्शिदाबाद
रोहन लक्ष्मीकांत/ रानीनगर / बांकुरा
लक्ष्मण पेरुमल/ तालडंगरा /बांकुरा
श्रीनिवास वेंकटराव पाटिल/ वैष्णवनगर /मालदा

प्रशासनिक सर्जरी जारी: अब तक की बड़ी कार्रवाई
15 मार्च को चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद से ही आयोग ने बंगाल प्रशासन की पूरी ‘चेन ऑफ कमांड’ को हिला कर रख दिया है। निष्पक्ष चुनाव के लिए अब तक बड़े बदलाव हो चुके हैं।

शीर्ष नेतृत्व: मुख्य सचिव और गृह सचिव को घोषणा की रात ही बदल दिया गया था।

पुलिस प्रशासन: राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और कोलकाता पुलिस आयुक्त को भी हटाया जा चुका है।

SP स्तर पर फेरबदल: हाल ही में 12 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) का एक साथ तबादला किया गया है, जिनमें कूचबिहार और मेदिनीपुर जैसे संवेदनशील जिले शामिल हैं।

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