कांग्रेस ने सिखों के साथ सिर्फ खिलवाड़ किया : निशिकांत दुबे का तीखा हमला, 1984 दंगों और स्वर्ण मंदिर हमले को लेकर उठाए बड़े सवाल

KK Sagar
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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद निशिकांत दुबे ने 1984 के सिख विरोधी दंगों और ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सिख समुदाय के साथ बार-बार विश्वासघात करने का आरोप लगाया।

निशिकांत दुबे ने कहा कि वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ब्रिटेन के सहयोग से श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) पर हमला किया था। उन्होंने दावा किया कि ब्रिटेन की सेना के अधिकारी उस समय अमृतसर में मौजूद थे, जो इस हमले की साजिश में शामिल थे।

उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए लिखा,

“कांग्रेस के लिए सिख समुदाय केवल एक खिलौना मात्र है।”

दुबे ने अपने पोस्ट में कांग्रेस पर तीन बड़े आरोप लगाए:

  1. करतारपुर साहिब सौंपा गया पाकिस्तान को: उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को 1960 में करतारपुर साहिब सौंपा गया था, जिसका समझौता तत्कालीन कांग्रेस नेता सरदार स्वर्ण सिंह ने किया था।
  2. स्वर्ण मंदिर पर हमला और राष्ट्रपति की नियुक्ति: 1984 में जब श्री हरिमंदिर साहिब पर हमला हुआ और निर्दोष श्रद्धालु मारे गए, उसी समय कांग्रेस ने ज्ञानी ज़ैल सिंह को देश का राष्ट्रपति नियुक्त किया, जिससे सिख समुदाय को शांत किया जा सके।
  3. दंगों के आरोपियों को बचाने का प्रयास: निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि 2004 में डॉ. मनमोहन सिंह को ‘कठपुतली प्रधानमंत्री’ बनाया गया ताकि 1984 के सिख दंगों में आरोपित कांग्रेस नेताओं – एच के एल भगत, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर – को बचाया जा सके।

अपने पोस्ट के अंत में दुबे ने लिखा:

“देश को बेचने और विदेशी के सामने सरेंडर की कहानी कांग्रेस की पुरानी परंपरा रही है।”

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