दलमा अब सिर्फ वन्यजीव अभयारण्य नहीं, जानिए कैसे बन रहा यह राज्य का नंबर-1 ईको-टूरिज्म स्पॉट

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: दलमा वन्यजीव अभयारण्य को अब सिर्फ जंगल और वन्यजीवों का घर नहीं, बल्कि एक हाइटेक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दलमा को झारखंड में ईको-टूरिज्म का आदर्श मॉडल बनाना है, ताकि यह राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक बनकर उभरे।

प्रमुख परियोजनाएं और मुख्य आकर्षण
सरकार के विचाराधीन प्रस्तावों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं, जो दलमा के प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन को बढ़ावा देंगी।

200 फीट लंबा ग्लास ब्रिज: बिहार के राजगीर की तर्ज पर 200 फीट लंबा ग्लास ब्रिज बनाया जाएगा। यह पर्यटकों को पहाड़ी क्षेत्र की रोमांचक ऊंचाइयों तक सहज पहुंच देगा, जिससे वे दलमा के विहंगम दृश्यों का आनंद उठा सकेंगे। यह न केवल रोमांचक अनुभव देगा, बल्कि एक प्रमुख फोटो प्वाइंट के रूप में भी नई पहचान बनाएगा।

नए टूरिस्ट कॉटेज और पिडबरा: 15 नए टूरिस्ट कॉटेज और 15 पिडबरा बनाए जाएंगे। पिडबरा और कॉटेज आधुनिक और इको-फ्रेंडली होंगे, ताकि दलमा आने वाले पर्यटकों को ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सके।

सफारी गाड़ियों की संख्या में वृद्धि: बढ़ती टूरिस्टों की संख्या को देखते हुए, 10 नई सफारी गाड़ियां जोड़ी जाएंगी, जिससे बेहतर सफारी सुविधा मिल सकेगी।

रोप-वे और पार्किंग सुविधा: रोप-वे के साथ हाईटेक पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जहां बड़ी संख्या में वाहनों को सुरक्षित पार्क किया जा सकेगा।

ईको सेंसिटिव जोन का विकास: करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से ईको सेंसिटिव जोन को नियंत्रित ढंग से विकसित करने की योजना है, जिससे प्राकृतिक वातावरण और जैव विविधता के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

स्थानीय समुदाय और रोजगार
होमस्टे को बढ़ावा: लोकल कम्युनिटी की भागीदारी और रोजगार पैदा करने के लिए होमस्टे की पहल को प्रोत्साहित किया जाएगा।

वीकेंड टूरिस्ट हब: दलमा को वीकेंड टूरिस्ट हब और पिडबरा को आकर्षण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा अनुभव दिलाने के लिए विशेष प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।

दलमा टॉप पर खास योजना
अनुसार, दलमा के शिखर पर एक लैंडस्केप पार्क की भी योजना है। यह पार्क परिवारों के साथ आने वाले लोगों को जंगल सफारी के साथ-साथ एक शांत पिकनिक स्पॉट प्रदान करेगा। वर्तमान में दलमा में सालाना 50,000 से ज्यादा पर्यटक आते हैं, और अनुमान है कि इन नई सुविधाओं के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ जाएगी। इस परियोजना पर डीएफओ सबा आलम अंसारी ने कहा है कि ‘प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है। हमारा लक्ष्य है कि दलमा को प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन का आदर्श मॉडल बनाया जाए, ताकि यह झारखंड में ईको-टूरिज्म का प्रमुख हब बनकर उभरे।’

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