डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र, टाटा लीज भूमि अतिक्रमण जन शिकायत के लंबित मामले से संबंधित समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। सभी विभागों के राजस्व संग्रहण की क्रमवार समीक्षा में यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जो विभाग अभी राजस्व संग्रहण में पिछड़ रहे हैं, कार्ययोजना बनाते हुए निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को शत प्रतिशत प्राप्त करने के लिए प्रयास करें।
राजस्व बढ़ाने के लिए राज्य कर विभाग के तीनों सर्किलों को रेस्टोरेंट बार का लाइसेंस निबंधित करते हुए राजस्व बढ़ाने, खनन विभाग को जब्त खनिजों को प्रक्रिया के तहत जल्द नीलामी का राजस्व जमा करने, निगरानी व जुर्माना वसुलने का निर्देश दिया। उत्पाद विभाग को लाइसेंसी दूकानों का लक्ष्य के अनुरूप राजस्व बढ़ाने, नकली शराब कारोबारियों पर नकेल कसने, बिद्युत विभाग को प्रत्येक माह मीटर रिडिंग कराकर बिलिंग कराने व बिलिंग संबंधित त्रुटियों का निराकरण का निर्देश दिया। परिवहन विभाग को वाहनो की परमिट जांच करने ओवर लोडेड वाहनों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसुलने, मत्स्य विभाग को तलाबों की बंदोबस्ती करने तथा मृदा संरक्षण विभाग के साथ समन्वय कर पुराने तलाबों का जीर्णोद्वार करते हुए बंदोबस्ती व राजस्व बढ़ाने का निर्देश दिया।
वार्षिक लक्ष्य की समीक्षा करते हुए खनन विभाग को जुर्माना वसुली, विद्युत विभाग को बकाया बिल जमा कराने के लिए बिलिंग, भुगतान व शिकायत निवारण की प्रक्रिया सरल करने, मापतौल विभाग को घाटशिला में कैम्प लगाकर लाइसेंस नवीकरण करने के माध्यम से वार्षिक लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही करदाताओं का ऑडिट, फील्ड इंस्पेक्शन, बकायेदारों पर कार्रवाई और डेटा एनालिटिक्स पर बल दिया गया जिससे सही राजस्व मिल सके।
विभागीय सचिव, आयोग और हाइकोर्ट के द्वारा संज्ञान में लाये गये मामले में विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के अधार पर प्रतिवेदन देने, जबाब दाखिल करने और अनुपालन संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
जन शिकायत से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए नागरिकों के माध्यम से जनहित अथवा व्यक्तिगत शिकायतों पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कर प्रतिवेदन देने, का निर्देश दिया।
नीलाम पत्र की समीक्षा में उपायुक्त ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों में नोटिस जारी करें, कुर्की, वारंट और नीलामी जैसा तरीका भी अपनाएं ताकि बकाया राजस्व की वसूली हो सके। संबंधित नीलाम पत्र पदाधिकारियों को बैंको से समन्वय कर बैंक स्तर से सेटलमेंट रिपोर्ट मगवाकर मामले को निष्पादित करने और अधिक से अधिक केश डिस्पोजल के लिए अपने कोर्ट में सुनवाई की संख्या बढ़ाये।
जमीन की खरीद बिक्री, म्यूटेशन, परमिशन, भूमि सीमांकन और भूमि अभिलेख में परिशोधन, लगान रसीद काटने की समीक्षा करते हुए निर्धारित समयसीमा के अंदर आवेदनों का निष्पादन पर बल दिया। म्यूटेशन, परमिशन मामले में रिजेक्शन कम करने के लिए डीड राइटर के साथ बैठक करने, हल्का कर्मचारियों को नियमित रूप से तहसील कचहरी में बैठकर कार्य निष्पादन करने का निर्देश दिया। भू-अर्जन की समीक्षा में राष्ट्रीय व राजकीय राजमार्ग परियोजनाओं में अर्जित भूमि व रैयतों के मुआवजा भुगतान पर चर्चा की गई। बैठक में ड्रेन व यूटिलिटी शिफ्टिंग, वनभूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र, अंचलाधिकारी स्तर से सत्यापन प्रतिवेदन, संयुक्त रूप से स्थल का भौतिक निरीक्षण आदि को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। वही टाटा लीज भूमि अतिक्रमण की भी समीक्षा में सड़क व हाट-बाजार में अतिक्रमण के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई, उच्च न्यायालय, झारखंड, रांची से पारित न्यायादेश का अनुपालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया ।
बैठक में निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, एसडीओ धालभूम अनर्व मिश्रा, एसडीओ घाटशिला सुनिल चद्र, जिला परिवहन पदाधिकारी धन्नजय, उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सभी सीओ, एनएचएआई, टाटा स्टील, रेलवे के प्रतिनिधि व अन्य संबंधित उपस्थित रहे।

