रामगढ़। मास कम्युनिकेशन और पत्रकारिता के क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। दिल्ली के प्रख्यात शिक्षाविद्, मार्गदर्शक और जनसंचार विशेषज्ञ प्रोफेसर जनाब मनव्वर आलम साहब का शनिवार को अचानक हृदय गति रुक जाने से इंतकाल हो गया। उनके निधन से न केवल शैक्षणिक जगत, बल्कि मीडिया और बौद्धिक समाज को अपूरणीय क्षति पहुँची है।
प्रो. मनव्वर आलम वर्षों तक मास कम्युनिकेशन के क्षेत्र में सक्रिय रहकर विद्यार्थियों को न सिर्फ विषय का ज्ञान देते रहे, बल्कि उन्हें एक संवेदनशील और जिम्मेदार पत्रकार बनने की प्रेरणा भी देते थे। उनका सरल व्यक्तित्व, सुलझी हुई सोच और विषय पर गहरी पकड़ उन्हें छात्रों और सहकर्मियों के बीच विशेष सम्मान दिलाती थी।
उनके मार्गदर्शन में पढ़े सैकड़ों छात्र आज देश-विदेश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे हमेशा विद्यार्थियों को सच्चाई, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ पत्रकारिता करने की सीख देते थे।
प्रोफेसर मनव्वर आलम के निधन की खबर मिलते ही दिल्ली, झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों से शिक्षाविदों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पूर्व छात्रों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने एक स्वर में इसे मास कम्युनिकेशन जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है।
नमाज़-ए-जनाज़ा आज
मरहूम की नमाज़-ए-जनाज़ा इतवार को रामगढ़ जिला के दुलमी प्रखंड अंतर्गत ग्राम होनहे के कब्रिस्तान में ज़ोहर की नमाज़ के बाद अदा की जाएगी। इसके बाद उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक किया जाएगा।
अल्लाह तआला मरहूम को जन्नत-उल-फ़िरदौस में आला मुक़ाम अता फरमाए और उनके परिजनों, शिष्यों व चाहने वालों को इस गहरे सदमे को सहने की हिम्मत दे। प्रोफेसर मनव्वर आलम के इंतकाल की पुष्टि उनके भाई, कांग्रेस पार्टी के वरीय उपाध्यक्ष कैसा इमाम ने शनिवार दोपहर करीब 3 बजे की।

