डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक और हवाई कनेक्टिविटी के सपने को जल्द ही पंख लग सकते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया है कि धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना उनकी सीधी निगरानी में है और बहुत जल्द जमीन पर इसके सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे। यह भरोसा मुख्यमंत्री ने सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक प्रतिनिधिमंडल को रांची में मुलाकात के दौरान दिया।
इन 4 बड़ी मांगों पर टिकी है शहर की रफ्तार
विधायक सरयू राय के सहयोग से हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में अध्यक्ष मानव केडिया के नेतृत्व में चेंबर ने मुख्यमंत्री के समक्ष चार प्रमुख मुद्दे रखे, जो जमशेदपुर के भविष्य के लिए निर्णायक हैं।
धालभूमगढ़ एयरपोर्ट: शिलान्यास के 6 साल बाद भी काम अटका होने से कोल्हान का पर्यटन और व्यापार प्रभावित है। मुख्यमंत्री ने इसे प्राथमिकता पर रखने की बात कही।
टाटा स्टील कमांड एरिया में रजिस्ट्री: पिछले 10 वर्षों से बंद रजिस्ट्री के कारण रियल एस्टेट सेक्टर पूरी तरह ठप है। इसे पुनः बहाल करने की मांग की गई।
JIADA को भूमि अधिग्रहण का अधिकार: MSME उद्योगों को जमीन की कमी न हो, इसके लिए ‘जियाडा’ को अन्य राज्यों की तर्ज पर भूमि अधिग्रहण की शक्ति देने का सुझाव दिया गया।
भूमि रिकॉर्ड में सुधार: मानगो और गैर-कमांड क्षेत्रों में आज भी रिकॉर्ड बिहार सरकार के नाम पर हैं, जिसे व्यापक सर्वेक्षण कराकर झारखंड सरकार के नाम दर्ज करने की जरूरत बताई गई।
मुख्य सचिव और मंत्रियों से भी हुई सार्थक चर्चा
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मिलकर जमशेदपुर और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा, टीम ने विधानसभा की कार्यवाही का अवलोकन किया और वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर सहित क्षेत्र के कई विधायकों (पूर्णिमा साहू, समीर मोहंती, सोमेश सोरेन) से भी मुलाकात कर क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में ये थे शामिल
इस दौरे में अध्यक्ष मानव केडिया के साथ महासचिव पुनीत काउंटिया, उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, हर्ष बाकरेवाल, सचिव विनोद शर्मा और अंशुल रिंगसिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

