उप विकास आयुक्त सन्नी राज के निर्देशानुसार बिरसा हरित ग्राम योजना, पोषण वाटिका दीदी बगिया एवं गुड गवर्नेंस (मनरेगा) विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन उप विकास आयुक्त कार्यालय के सभागार में किया गया।
उप विकास आयुक्त ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, आपसी समन्वय तथा निगरानी तंत्र को सुदृढ़ बनाना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास संवर्धन के साथ-साथ हरित विकास को गति मिल सके।
कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंडों से प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं बागवानी सखी ने भाग लिया। प्रतिभागियों को योजनाओं से जुड़े तकनीकी, प्रशासनिक एवं प्रबंधन संबंधी सभी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान परियोजना पदाधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना सहित अन्य संबंधित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागीय समन्वय पर विशेष बल दिया।
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, तोपचांची राजीव कुमार द्वारा बागवानी सखी एप्लीकेशन के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि यह एप्लीकेशन बागवानी योजनाओं की मॉनिटरिंग, प्रगति प्रतिवेदन, पौधारोपण की स्थिति तथा लाभुकों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से संधारित करने में सहायक है, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित होती है।
उन्होंने पुराने बागवानी योजनाओं के रखरखाव, पौधों में होने वाली बीमारियों की पहचान एवं उनके निराकरण के उपायों पर भी विस्तृत प्रस्तुति दी। तकनीकी मार्गदर्शन के माध्यम से बताया गया कि नियमित निरीक्षण, समय पर उपचार एवं उचित पोषण प्रबंधन से बागवानी योजनाओं की सफलता सुनिश्चित की जा सकती है।
बैठक में जेएसएलपीएस के जिला प्रबंधक सुदिप्तो बनर्जी ने मनरेगा एवं जेएसएलपीएस की भूमिका और उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दोनों संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से महिलाओं की भागीदारी, आजीविका सृजन तथा सामुदायिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।
वहीं उप विकास आयुक्त द्वारा मनरेगा योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सहायक अभियंता एवं कनीय अभियंता को एक सप्ताह का लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी एजेंडों पर प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।

