झारखंड की रांची में सोमवार शाम को हुई एयर एंबुलेंस की दुखद दुर्घटना ने सात लोगों की जान ले ली। इस दुर्घटना में मरने वालों में डॉ. विकास गुप्ता भी शामिल हैं जो मूल रुप से बिहार के रहने वाले वाले हैं। इस घटना ने उनके परिवार को झकझोर कर रख दिया है।
कौन थे डॉ. विकास गुप्ता
डॉ विकास गुप्ता पिछले कई सालों से वह झारखंड की राजधानी रांची में अपनी पत्नी और 8 साल के छोटे बेटे के साथ कचहरी क्षेत्र में रह रहे थे। उनकी पत्नी एसबीआई कचहरी ब्रांच में कार्यरत हैं। डॉ विकास क्रिटिकल केयर एनेस्थेसिया के क्षेत्र में एक जाने-माने चिकित्सक थे। वह न केवल मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होते थे, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में उनकी विशेषज्ञता और शांत स्वभाव ने उन्हें खास पहचान दिलायी थी।
परिवार और परिचितों में शोक की लहर
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विकास कुमार गुप्ता की भी मौत के साथ ही 8 वर्षीय बेटे के सिर से पिता का साया छीन चुका है। उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे से एक दिन पहले ही उन्होंने भारतीय सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर दिल्ली पहुंचाया था। उनकी असामयिक मृत्यु से चिकित्सक समुदाय और उनके परिचितों में गहरा शोक है
बर्न मरीज की जान बचाने में जुटे थे डॉ विकास
बता दें कि डॉक्टर विकास रेडबर्ड एयरवेज की इस मेडिकल इवैक्यूएशन फ्लाइट में बर्न मरीज संजय कुमार की देखभाल के लिए सवार थे, जो लातेहार के चंदवा निवासी थे और 65% जलने की चोटों से जूझ रहे थे। 41 वर्षीय संजय कुमार हाल ही में ढाबे में लगी भीषण आग में झुलस गए थे। बिजली के करंट से हुए ‘इलेक्ट्रिक बर्न’ के कारण उनकी हालत गंभीर थी। उन्हें 16 फरवरी को रांची स्थित देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पिछले दस दिनों से उनका इलाज चल रहा था।

