डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: झारखंड के चाईबासा में दोस्ती और उत्सव के बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। हाटगम्हरिया थाना क्षेत्र में ‘मागे परब’ के दौरान साथ मिलकर हड़िया पी रहे दोस्तों के बीच ऐसी अनबन हुई कि दो साथियों ने मिलकर अपने ही दोस्त की जान ले ली और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 15 फरवरी की सुबह परमसाई गांव के जोड़ा तालाब में एक तैरता हुआ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मृतक की पहचान भुईयांसाई निवासी बैशाखू ग्वाला के रूप में हुई। बैशाखू की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने हत्या (बीएनएस की धारा 103(1)) और साक्ष्य छुपाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
नशे की हालत में एक थप्पड़ बना मौत की वजह
पुलिस की तफ्तीश में जो हकीकत सामने आई, वह चौंकाने वाली थी।
14-15 फरवरी की रात: बैशाखू अपने दो दोस्तों—पराय बोदरा उर्फ डुडरू और राम गागराई उर्फ बोतलराम के साथ ‘मागे परब’ मना रहा था।
विवाद की शुरुआत: तीनों ने मिलकर हड़िया (स्थानीय शराब) पी थी। नशे की हालत में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई और बैशाखू ने उनमें से एक को थप्पड़ जड़ दिया।
वारदात: थप्पड़ से भड़के दोनों दोस्तों ने मिलकर बैशाखू की जमकर पिटाई की और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने की कोशिश: पकड़े जाने के डर से उन्होंने शव को पास के ही जोड़ा तालाब में फेंक दिया ताकि मामला डूबने का लगे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
एसपी चाईबासा के निर्देश पर एसडीपीओ जगन्नाथपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी उत्तम तिवारी और उनकी टीम ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।वही गिरफ्तार अभियुक्त पराय बोदरा (32 वर्ष) और राम गागराई (30 वर्ष)पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस घटना ने एक बार फिर नशे के कारण अनियंत्रित होते गुस्से और उसके भयानक परिणामों को उजागर किया है।

