बिहार में बालू माफिया की साजिश से 78 बालू घाटों का सरेंडर, नीतीश सरकार सख्त, अब कभी नहीं मिलेगा टेंडर

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By Neelam
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बिहार में बालू घाटों का ठेका लेने के बाद इसे बीच में छोड़कर भागने वालों पर नीतीश सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दरअसल, कुछ ठेकेदारों ने एक साल पूरा होने से पहले ही घाट वापस कर दिए हैं। इन  लोगों ने ज्यादा बोली लगाकर घाट लिए थे। उनका मकसद अवैध उत्खनन करना था। हालांकि, सख्ती बढ़ने से उन्हें नुकसान हो रहा है, इसलिए वे घाट लौटा रहे हैं। जिसके बाद सरकार ने बालू घाटों को सरेंडर करने वाली कंपनी पर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।

78 कंपनियां ब्लैकलिस्ट

डिप्टी सीएम और खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभाग के 100 दिनों के कामकाज को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि नई सरकार पारदर्शिता और सख्ती के साथ काम कर रही है। खनन विभाग की व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत और साफ बनाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी करीब 78 कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने की कवायद शुरू हो गई है।

अवैध खनन कर मुनाफा कमाने के मंसूबे नाकाम

विजय सिन्हा ने कहा, राज्य में ऐसे करीब 78 घाट हैं, जिनकी बोली अधिक राशि में लगाकर पहले इसे ले लिया गया, फिर बीच में छोड़ दिया गया है। लेते समय इन लोगों को लगा था कि अवैध खनन करके बालू घाटों से मुनाफा कमा लेंगे, लेकिन विभाग की सख्ती के कारण इनके मंसूबे कामयाब नहीं हुए। अब बालू घाटों को सरेंडर करने वाली कंपनी या इसके निदेशकों या मालिकों को अब किसी भी नई टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।

78 बालू घाटों की नीलामी का आदेश

जिन घाटों को सरेंडर किया गया है, उन्हें जिलों में डीएम की अध्यक्षता में गठित जिला टास्क फोर्स को समुचित समीक्षा कर फिर से टेंडर करने के लिए कहा गया है। सरकार जल्द ही बंद पड़े घाटों का रेट रिवाइज करके इनकी निविदा फिर से निकालेगी।

ट्रांजिट चालान लेना होगा जरूरी

मंत्री ने कहा कि बाहर के राज्यों से आने वाले खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट चालान लेना अनिवार्य होगा। ट्रांजिट चालान की प्रक्रिया को कैबिनेट की भी अनुमति मिल चुकी है। इससे सीमावर्ती जिलों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। बाहर से प्रवेश करने वाले वाहनों को टीपी (ट्रांजिट पास) लेना अनिवार्य होगा। इन वाहनों को 85 रुपये प्रति घन फीट की दर से टीपी चार्ज देना होगा। सीसीटीवी के जरिए सीमावर्ती जिलों के प्रवेश मार्ग की सशक्त मॉनीटरिंग की जाएगी।

71 बिहारी योद्धा को किया गया पुरष्कृत

इस मौके पर 71 बिहारी योद्धा को पुरस्कृत किया गया। बता दें कि ये वैसे योद्धा हैं, जिन्होंने अवैध खनन और ओवरलोडिंग खनिज वाहनों के बारे में विभाग को जानकारी देकर पकड़वाया है। सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए इनके नाम और पते गुप्ता रखे गए हैं।

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