दक्षिणी ईरान में गुरुवार सुबह अचानक धरती कांप उठी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई। तेज झटके महसूस होते ही लोग घरों से बाहर निकल आए। शुरुआती क्षणों में कई लोगों को ऐसा लगा जैसे किसी तरह का हमला हो गया हो, जिससे भय का माहौल बन गया।
सुबह-सुबह आया तेज झटका
यह भूकंप ईरान के स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7:13 बजे आया। दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में इसके झटके महसूस किए गए, जिससे आम जनजीवन कुछ समय के लिए ठप-सा हो गया।
भूकंप का केंद्र और गहराई
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप का केंद्र 27.36° उत्तरी अक्षांश और 52.60° पूर्वी देशांतर पर स्थित था। यह केंद्र फार्स प्रांत के मोहर शहर से करीब 36 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था। भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर बताई गई है, इसी वजह से झटके काफी तेज महसूस हुए।
जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं
अब तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और राहत एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी हलचल
यह भूकंप ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं हैं कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। इसी पृष्ठभूमि में भूकंप के बाद यह सवाल भी उठने लगे कि कहीं यह किसी न्यूक्लियर टेस्ट का असर तो नहीं।
न्यूक्लियर टेस्ट की अटकलें, कोई पुष्टि नहीं
सोशल मीडिया और कुछ हलकों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि ईरान ने कोई न्यूक्लियर गतिविधि की हो सकती है। हालांकि, इस तरह के किसी भी दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप एक प्राकृतिक घटना भी हो सकती है और बिना ठोस सबूत के किसी नतीजे पर पहुंचना सही नहीं है।

