जिला के युवाओं को अर्थिक रुप से स्वावलंबी बनाने का प्रयास तेज, सोलर उपकरणों के तकनीकी प्रशिक्षण का संचालन, स्वरोजगार पर केंद्रित कौशल विकास योजनाओं के संचालन पर विशेष बल देने का निर्देश

Manju
By Manju
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जमशेदपुर : समाहरणालय सभाकक्ष में जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में कौशल जागरूकता कार्यशाला सह बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला सह बैठक का आयोजन मुख्य रूप से क्षेत्र में औद्योगिक जरुरतों के अनुरुप कौशल विकास कार्यक्रम को संचालित करने तथा जिला कौशल समिति के सदस्यों व विभिन्न विकास संगठन व उद्यमियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए किया गया था।

कार्यक्रम में बताया गया कि झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी, झारखण्ड रांची ने झारखण्ड में कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में उद्यमी और युवाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ाने व प्रदत सुविधा को ज्यादा रोजगार अनुरूप बनाने के साथ जिला स्तर पर संस्थागत क्षमता निर्माण को समावेशी बनाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) के साथ साझेदारी की है। कार्यशाला में विभिन्न बिंदुओं पर गहनता पुर्वक विचार विमर्श किया गया। इनमें मुख्य रूप से जिला स्तर पर कौशल विकास में प्रमुख चुनौतियां और अवसर, वर्ष 2024-25 के लिए किस नौकरी व सेक्टर को प्राथमिकता दी जाये। उद्योग साझेदारी और सहयोग बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम व कौशल प्रक्षिक्षण को कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है इस पर विचार विमर्श किया गया।

जिला उपायुक्त अनन्य मित्तल ने आईटीआई के क्षेत्र में कई अन्य विषयों को विस्तार देने की बात कही। सोलर उपकरणों के रिपेयरिंग से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन पर विशेष बल देते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय ने बहुत ही प्रभावी साबित हो सकता है। साथ ही उन्होंने पीवीटीजी समूहों के स्वरोजगार पर केंद्रित कौशल विकास योजनाओं के संचालन की बात कही जिससे कि उन समूह के सदस्यों को भी स्वरोजगार से जोड़ा जा सके और उन्हे आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कौशल प्रशिक्षण को और अधिक समावेशी बनाने तथा आपसी समन्वय स्थापित कर विस्तृत कार्य करने का निर्देश दिया।

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