“बिहार की राजनीति के एक युग का अंत”, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर  बोले अनंत सिंह

Neelam
By Neelam
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बिहार की राजनीति इन दिनों तेज़ हलचल और नए समीकरणों के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे जल्द ही दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। नीतीश कुमार के निर्णय को लोग अपनी-अपनी नजरों से देख रहे हैं। जेडीयू में एक तरफ विरोध है तो दूसरी ओर नीतीश कुमार का समर्थन या जा रहा है। इस बीच जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

नीतीश के फैसले पर अनंत सिंह की प्रतिक्रिया

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस फैसले को बिहार की राजनीति के एक युग का अंत बताया है। अनंत सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट के जरिए नीतीश कुमार के प्रति अपना पुराना सम्मान व्यक्त किया और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

अनंत सिंह का सोशल मीडिया पोस्ट

जेल में बंद अनंत सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से नीतीश कुमार की तस्वीर को शेयर कर कहा कि नीतीश कुमार ने पिछले दो दशकों में बिहार की जो सेवा की है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में 2005 से लेकर अब तक नीतीश कुमार का नेतृत्व राज्य के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज रहेगा। 

नीतीश के कार्यकाल को बताया स्वर्णिम अध्याय

बहुत ही लंबे अरसे के बाद बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति में राज्यसभा सांसद के रूप में प्रवेश करने जा रहे हैं। सन् 2005 से लेकर आज तक उनका मुख्यमंत्री के रूप में नेतृत्व बिहार के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज रहेगा। जब बिहार निराशा और पिछड़ेपन की चर्चा से पहचाना जाता था, तब उन्होंने सुशासन, विकास और सामाजिक समरसता की नई राह दिखाने का साहसिक काम किया। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था जैसे अनेक क्षेत्रों में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने बिहार की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का काम किया है

हम सबके लिए गर्व का क्षण-अनंत सिंह

मोकामा विधायक ने आगे कहा, आज जब वे फिर से राष्ट्रीय मंच पर अपनी नई भूमिका निभाने जा रहे हैं, तो यह हम सबके लिए गर्व का क्षण है। ईश्वर से प्रार्थना है कि उनका अनुभव, उनकी दूरदृष्टि और बिहार के प्रति उनका समर्पण देश को भी नई दिशा देने का काम करे। बिहार की माटी का यह सपूत जहां भी रहे, बिहार का मान और स्वाभिमान हमेशा ऊंचा रहे।

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