डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: अगर आप प्रकृति प्रेमी हैं और जंगल के शांत माहौल में रात बिताने का रोमांच महसूस करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। जमशेदपुर के पास प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभयारण्य को अब एक बड़े पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। दलमा की तलहटी में स्थित मकुलाकोचा में 15 नए पर्यावरण-अनुकूल आधुनिक कॉटेज का भव्य उद्घाटन राज्य के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और स्थानीय विधायक सविता महतो द्वारा किया गया। इन कॉटेज की शुरुआत के साथ ही अब पर्यटक रात में भी घने जंगलों के बीच रहने का लुत्फ उठा सकेंगे।
रात में ठहरने के लिए अब नहीं होना पड़ेगा मजबूर
इससे पहले तक दलमा की चोटी पर स्थित सिर्फ रेस्ट हाउस में ठहरने की सीमित व्यवस्था थी, जिसके कारण अधिकांश पर्यटकों को शाम ढलते ही जमशेदपुर या नजदीकी इलाकों में वापस लौटना पड़ता था। अब मकुलाकोचा में बने इन नए लग्जरी कॉटेज के शुरू होने से पर्यटक रात में जंगल के शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकेंगे।
बुकिंग, किराया और सुविधाएं: जानें सबकुछ
किराया: प्रति कॉटेज बुकिंग शुल्क ₹3500 तय किया गया है।
कॉम्प्लिमेंट्री ब्रेकफास्ट: कॉटेज बुकिंग के साथ पर्यटकों के लिए सुबह का नाश्ता बिल्कुल फ्री रहेगा।
फूडिंग व्यवस्था: परिसर में मौजूद आधुनिक कैफेटेरिया में पर्यटक अपनी पसंद का स्वादिष्ट भोजन अतिरिक्त शुल्क देकर प्राप्त कर सकते हैं।
बुकिंग कैसे करें: कॉटेज की ऑनलाइन बुकिंग के लिए झारखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइटों (jtdcl.jharkhand.gov.in या dalmawildlife.com) पर जाकर स्लॉट बुक किया जा सकता है।
स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के दरवाजे
पर्यटन मंत्री और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार मकुलाकोचा में पर्यटन सुविधाएं बढ़ने से न केवल राज्यभर के पर्यटक खिंचे चले आएंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा बूस्ट मिलेगा।
स्थानीय रोजगार: आसपास के गांवों के युवाओं को गाइड, रखरखाव और सेवा क्षेत्र में सीधी नौकरियां मिलेंगी।
महिला सशक्तिकरण: क्षेत्र के महिला स्वयं-सहायता समूहों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक प्रगति के नए रास्ते खुलेंगे।
जल्द बनेंगे 15 और कॉटेज: पर्यटन मंत्री ने घोषणा की है कि पास के पिड़ाबेड़ा में भी अगले 2-3 महीनों के भीतर 15 और कॉटेज बनकर तैयार हो जाएंगे।

