रामगढ़। दुलमी प्रखंड के भैरवी जलाशय में जिला मत्स्य कार्यालय के तत्वावधान में मत्स्य बीज संचयन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला मत्स्य पदाधिकारी डॉ. आरूप कुमार चौधरी ने की। वहीं, बीस सूत्री अध्यक्ष सुधीर मंगलेश कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।
मुख्य अतिथि सुधीर मंगलेश ने भैरवी जलाशय में 7.50 लाख मत्स्य बीज छोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता ग्रामीणों की आजीविका को मजबूत करना है। मत्स्य पालन जैसे संसाधन आधारित कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भैरवी जलाशय में मत्स्य बीज संचयन से न केवल मत्स्य उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि इससे जुड़े स्थानीय विस्थापितों एवं आसपास के ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
बीस सूत्री अध्यक्ष ने आगे कहा कि सरकार प्राकृतिक संसाधनों का समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग कर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। मत्स्य पालन को प्रोत्साहित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
कार्यक्रम में जिला मत्स्य पदाधिकारी डॉ. आरूप कुमार चौधरी, मुखिया राजीव मेहता, बीसीओ सुरेंद्र नाथ डेविड, लिलेश्वर महतो, चरण केवट, अरविंद कुमार, हेमलाल महतो, सुदेश महतो, प्रकाश महतो, बैजनाथ महतो सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं मत्स्य पालक उपस्थित थे।

