पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के 82 साल की उम्र में निधन हो गया। कलमाड़ी के कार्यालय से जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।पिछले कुछ दिनों से सुरेश कलमाडी का स्वास्थ्य खराब चल रहा था। जिसके कारण पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन कलमाड़ी का पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवाने स्थित उनके आवास, कलमाड़ी हाउस में रखा जाएगा। अंतिम संस्कार दोपहर 3:30 बजे पुणे के नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में किया जाएगा।
1965 और 1971 की जंग में भी हिस्सा लिया
1 मई 1944 को जन्मे, सुरेश कलमाड़ी ने पुणे के फर्ग्युसन कॉलेज से पढ़ाई की। उन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) खड़कवासला से स्नातक किया। साल 1965 में पायलट के तौर पर सुरेश कलमाड़ी भारतीय वायुसेना से जुड़े। कलमाड़ी ने 1965 के साथ-साथ 1971 की जंग में भी हिस्सा लिया था।
राजनीति से पहले भारतीय वायु सेना में थे पायलट
कलमाडी राजनीति में आने से पहले 6 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में सेवा की। वायु सेना से रिटायर होने के बाद, उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की। वे पुणे से लंबे समय तक सांसद रहे और पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
शरद पवार ने कलमाड़ी को भेजा था राज्यसभा
सुरेश कलमाड़ी कांग्रेस में लंबे समय तक रहे, लेकिन जब शरद पवार कांग्रेस से अलग हुए और उन्होंने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया तो कलमाड़ी भी पवार के साथ हो गए। शरद पवार ने कलमाड़ी को अपनी पार्टी की युवा इकाई का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया। वो शरद पवार ही थे, जिन्होंने कलमाड़ी को पहली बार 1982 में राज्यसभा भेजा। हालांकि, बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार को लेकर आए जांच के दायरे में
2010 के राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ गेम्स) में हुए भ्रष्टाचार मामले के चलते वे राष्ट्रीय स्तर पर जांच के दायरे में आए और खेलों के फंड के कथित दुरुपयोग के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत उन पर मामला दर्ज किया गया। उन्हें अप्रैल 2011 में गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया।

