अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को नमन : जमुई जिलाधिकारी ने महिलाओं के सशक्तिकरण का लिया संकल्प
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने जिले की समस्त मातृशक्ति को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप माना गया है। “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:” के मूल मंत्र के साथ हमारा समाज सदैव स्त्री की गरिमा और उनके त्यागपूर्ण योगदान का ऋणी रहा है।
प्राचीन काल की विदुषी महिला और आज की सशक्त वीरांगनाओं तक
जिलाधिकारी ने कहा कि प्राचीन काल की विदुषी महिलाओं से लेकर आज की सशक्त वीरांगनाओं तक, नारी ने अपनी ममता, धैर्य और विवेक से इस धरती को समृद्ध किया है। आधुनिक समय में महिलाओं की भूमिका और भी व्यापक हो गई है। आज की नारी केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष से लेकर खेल के मैदान तक, प्रशासनिक निर्णयों से लेकर देश की सीमाओं की सुरक्षा तक हर क्षेत्र में अपनी योग्यता का लोहा मनवा रही है।
राजनीतिक ढांचे में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक ढांचे को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका अब अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने संकल्प दोहराया कि जमुई जिले में महिलाओं को भयमुक्त वातावरण, बेहतर शिक्षा और आत्मनिर्भरता के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार कार्य करता रहेगा।
ऐसे समाज का निर्माण जहाँ नारी की अस्मिता रहे सुरक्षित
जिलाधिकारी ने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है तो वह केवल स्वयं का ही नहीं बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य भी संवार देती है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि मिलकर ऐसे समाज का निर्माण करें, जहां नारी की अस्मिता सुरक्षित रहे और उनके सपनों को नए पंख मिलें। साथ ही उन्होंने जिले की सभी महिलाओं के सुख, समृद्धि और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की।

