डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का पॉश इलाका शुक्रवार सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठा। जमशेदपुर का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और माफिया डॉन अखिलेश सिंह का ‘दाहिना हाथ’ माना जाने वाला विक्रम शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहा। हमलावरों ने देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में घुसकर विक्रम शर्मा को उस वक्त अपना निशाना बनाया, जब वह जिम से बाहर निकल रहा था।
पूरी प्लानिंग के साथ आए थे शूटर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह वारदात किसी फ़िल्मी स्क्रिप्ट जैसी थी। विक्रम शर्मा सुबह करीब 9 बजे जिम पहुंचा था। हमलावर उसकी हर हरकत पर नज़र रखे हुए थे। जैसे ही वह 10:30 बजे जिम की सीढ़ियों से नीचे उतरा, पहले से घात लगाए तीन हमलावरों ने उसे घेर लिया। हमलावरों ने करीब 3 राउंड फायर किए, जिसमें से 2 गोलियां सीधे विक्रम को लगीं। सीढ़ियों पर गिरते ही विक्रम ने दम तोड़ दिया। पुलिस को उसकी बॉडी खून से लथपथ हालत में मिली। बताया जा रहा है कि विक्रम को अपनी जान का खतरा था और वह खुद भी पिस्तौल लेकर आया था, लेकिन हमलावरों ने उसे हथियार निकालने तक का मौका नहीं दिया।
कौन था विक्रम शर्मा?
विक्रम शर्मा का नाम झारखंड के अपराध जगत में कोई नया नहीं था। वह जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह (जो फिलहाल दुमका जेल में बंद है) का गुरु और सबसे करीबी सहयोगी माना जाता था। उसके खिलाफ हत्या और रंगदारी समेत 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। हाल ही में कई मामलों में बरी होने के बाद उसने राजनीति में भी कदम रखा था। वह देहरादून के रेसकोर्स इलाके में रहकर अपना ठिकाना जमाए हुए था और काशीपुर में स्टोन क्रशर के कारोबार से जुड़ा था।
जांच में जुटी पुलिस: CCTV खंगाल रही टीमें
वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। इनमें से दो शूटर मॉल के अंदर गए थे, जबकि तीसरा बाहर बाइक स्टार्ट कर बैकअप के लिए खड़ा था।
वर्तमान स्थिति:
पुलिस ने पूरे सिल्वर सिटी मॉल की घेराबंदी कर दी है। मॉल और आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में इसे आपसी रंजिश या गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। इस हत्याकांड के बाद न केवल देहरादून, बल्कि जमशेदपुर और पूरे झारखंड के आपराधिक गलियारों में सनसनी फैल गई है।

