लोकसभा में बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर बड़ा बयान दिया। जिसके बाद केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने जा रही है।केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सदन को ‘गुमराह’ करने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ केंद्र प्रिविलेज नोटिस लाएगा।
राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल की तैयारी
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, किरेन रिजिजू ने कहा हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रोसीजर और कंडक्ट ऑफ बिजनेस के बहुत साफ नियम हैं। जब कोई सदस्य दूसरे सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो आपको नोटिस देना होगा और आरोप को साबित भी करना होगा।इसलिए आज शाम 5 बजे तक उन्हें अपने बयान पर माफी मांगने को कहा गया है, वरना सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी।
लोकतंत्र में आरोप लगाने की स्वतंत्रता, लेकिन जवाबदेही जरूरी-रिजिजु
रिजिजू के अनुसार, सदन की गरिमा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और नियमों की अनदेखी नहीं की जा सकती केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सदन के भीतर उन्होंने स्वयं राहुल गांधी से अनुरोध किया था कि वे अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों और आरोपों के समर्थन में आवश्यक प्रमाण और प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें। रिजिजू ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में आरोप लगाने की स्वतंत्रता है, लेकिन उसके साथ जवाबदेही और प्रक्रियाओं का पालन भी अनिवार्य है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार संसदीय नियमों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।
आरोपों की प्रमाणिकता साबित करने की मांग
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वे एक ही बात बार-बार दोहरा रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि राहुल अपने सभी आरोपों को तुरंत साबित करें। रिजिजू ने कहा, ‘आप प्रधानमंत्री का नाम ले रहे हैं और जो शब्द इस्तेमाल किए, जो आरोप लगाए, मैं कुर्सी के माध्यम से मांग करता हूं कि आप सभी आरोपों की प्रमाणिकता साबित करें।’ रिजिजू ने राहुल के आरोपों को ‘बेसलेस’ और ‘वाइल्ड’ बताया। स्पीकर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि राहुल को तुरंत साबित करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह रिजिजू की मांग थी। राहुल ने जवाब दिया कि वे अभी साबित करेंगे।
यूएस ट्रेड डील पर राहुल गांधी का गंभीर बयान
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौता करते समय भारत के हितों को शर्मनाक तरीके से गिरवी रख दिया। उन्होंने इसे ‘नॉनसेंस’ कदम बताते हुए कहा कि सरकार ने कृषि, आईटी, डेटा और लोगों के हितों से जुड़े कई मामलों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकाव दिखाया है।

