मिरर मीडिया : एक बार फिर गलत रिपोर्ट को लेकर गोविंदपुर सीओ राम जी वर्मा सवालों के घेरे में आ गए हैं इस बार मामला मुआवजा भुगतान में गड़बडी की है। जीटी रोड चौड़ीकरण में जमीन अधिग्रहण मुआवजा के भुगतान में बडी गडबडी का मामला प्रकाश में आया है जिसमे शनिवार को शारदा पुस्तकालय समिति कल्याणपुर ने बरवाअड्डा में प्रेसवार्ता कर बताया कि गोविंदपुर अंचल उदयपुर मौजा 84 में खाता संख्या 1, प्लाट नंबर 2634 पुराना, नया प्लाट 3102 में कुल 3.74 एकड जमीन है। इसमें 60 डीसमिल जमीन शारदा पुस्तकालय व बाकी जमीन बिहार सरकार के नाम से खतियान बना है। इसमें पौने पैंतालीस डीसमिल जमीन सड़क चौड़ीकरण के लिए अधीग्रहण किया गया है। मुआवजा राशि के लिए समिति द्वारा भू-अर्जन कार्यलय व अंचल कार्यलय में जमीन संबंधित आवश्यक कागजात देने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।

जबकि मुआवजा राशि एक करोड़ 18 लाख 8 हजार 436 रुपये सीधाबाद-चंदनकियारी, बोकारो निवासी मनोहर महतो के बैंक खाते में जमा कर दिया गया। शारदा पुस्तकालय समिति के अध्यक्ष बृजनंदन महतो एवम सचिव नाग ऋषि रमन ने कहा कि गड़बड़ी की लिखित शिकायत उपायुक्त और भू-अर्जन पदाधिकारी से की गयी है। उन्होंने गोविंदपुर अंचल अधिकारी रामजी वर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि मनोहर महतो से मिलीभगत कर भू-अर्जन कार्यलय को जमीन संबंधी गलत रिपोर्ट भेज दिया गया है जिसके कारण मनोहर महतो के खाते में रूपया चला गया है।
भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा पत्रांक संख्या, 155, दिनांक 20. 09. 2016 को समिति को नोटिस भेजकर मुआवजा भुगतान के लिए जमीन संबंधित कागजात की मांग की गई थी। समिति द्वारा जमीन संबंधित सारे कागजात कार्यलय में जमा भी कर दिया गया था। उसके बावजूद अंचलाधिकारी की गलत रिपोर्ट के कारण समिति को मुआवजा नहीं मिला। समिति में रामजी वर्मा पर आरोप लगाते हुए कहा कि गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर सीओ ने दर्जनों लोगों को गलत तरिके से मुआवजा भुगतान करवाया है। इसकी जांच होनी चहिए। जबकि वृजनंदन महतो ने कहा कि इस मामले को लेकर हाइकोर्ट में रीट दायर करेंगे।
पूरे मामले में भू-अर्जन पदाधिकारी अमर प्रसाद ने कहा कि पुस्तकालय के लोगों की शिकायत पर लाभुक के बैंक खाते को होल्ड करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं इस संबंध में जब गोविंदपुर सीओ का पक्ष जानने के लिये संपर्क किया गया तो उनसे बात नहीं हो सकी।
बता दें कि हाल ही में जमीन में गड़बड़ी मामले में कोर्ट ने गोविंदपुर सीओ पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे जिसके बाद उपायुक्त ने जांच टीम गठित कर करवाई शुरू कर दी थी अभी जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट भी जमा नहीं की है कि एक नया मामला फिर से उजागर हो गया
गौरतलब है कि लगातार गोविंदपुर सीओ पर आरोप लगते आ रहे हैं बावजूद अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों का अधिकारीयों से विश्वास उठता जा रहा हैं ओर लोग कोर्ट की शरण में जाने को विवश हो रहे हैं। अब वरीय अधिकारी कितनी तत्परता से मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करते हैं और लोगो को न्याय दिलाते हैं यह देखने वाली बात होगी।

