बंगाल में रामनवमी की महातैयारी: 5000 शोभायात्राएं और पुलिस का अभेद्य ‘चक्रव्यूह’

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। मिरर मीडिया: पश्चिम बंगाल में इस बार रामनवमी का पर्व अभूतपूर्व भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। पूरे राज्य में 5,000 से अधिक शोभायात्राएं निकालने की तैयारी है। इतनी बड़ी संख्या में आयोजनों को देखते हुए ममता सरकार और पुलिस प्रशासन ‘हाई अलर्ट’ मोड पर है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोलकाता पुलिस ने ट्रैफिक और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

भारी वाहनों की एंट्री बंद, आवश्यक सेवाओं को राहत
कोलकाता के नवनियुक्त पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंद ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और सुगम यातायात पहली प्राथमिकता है।

नो एंट्री: गुरुवार और शुक्रवार को पीक आवर्स के दौरान शहर में भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

छूट: दूध, दवा और एलपीजी (LPG) जैसी आपातकालीन सेवाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है।

जुलूस में ‘बाइक’ पर बैन: CP के कड़े निर्देश
अक्सर देखा जाता है कि जुलूसों के बीच बाइक आने से अव्यवस्था फैलती है। इसे रोकने के लिए पुलिस आयुक्त ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

जुलूस में शामिल लोग पैदल चलें। बाइक को पार्किंग में खड़ा करना होगा। शोभायात्रा के बीच में बाइक ले जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी, ताकि अनुशासन बना रहे और दुर्घटना का खतरा न रहे।

सुरक्षा के लिए ‘थ्री-लेयर’ प्लान
बड़ी संख्या में जुलूसों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा का पुख्ता घेरा तैयार किया है।

अतिरिक्त बल की तैनाती: शहर के चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात रहेगा।

संवेदनशील इलाकों पर नजर: ड्रोन और खुफिया विभाग के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है।

क्विक रिस्पांस टीम (QRT): किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई दल को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

प्रशासन की अपील: सौहार्द बनाए रखें
प्रशासन ने आयोजकों और आम जनता से सहयोग की अपील की है। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के ये कड़े नियम केवल इसलिए हैं ताकि श्रद्धालु बिना किसी बाधा के उत्सव मना सकें। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय हैं और सोशल मीडिया से लेकर जमीनी हलचल पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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