मिशन ‘टीबी मुक्त जिला’: डीसी की अध्यक्षता में हाई-लेवल मीटिंग, जांच और इलाज में तेजी लाने का अल्टीमेटम

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपाध्यक्ष पंकज सिन्हा विशेष रूप से इस बैठक मव शामिल हुए। बैठक में टीबी रोगियों की पहचान, समयबद्ध जांच, पूर्ण उपचार, पोषण सहयोग व जन-जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि टीबी के प्रति जनसाधारण को जागरूक करने के लिए दीवार लेखन, ग्राम सभा, स्वयं सहायता समूह, महिला समूह, विद्यालय के छात्र-छात्राओं व स्थानीय मीडिया की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि जन भागीदारी के माध्यम से जागरूकता अभियान को व्यापक बनाया जा सके। उन्होने ग्रामीण सुदूर क्षेत्रों व शहरी स्लम क्षेत्रों में निवास करने वाले Vulnerable Population का शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने, एक्स-रे व बलगम के नमूनों की जांच CBNAAT के माध्यम से कराते हुए सभी जांच विवरणों को ससमय निक्षय पोर्टल पर अपलोड करने को कहा। उपायुक्त ने यह भी निर्देशित किया कि जांच में पॉजिटिव पाए गए सभी टीबी मरीजों का शत-प्रतिशत उपचार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही Defaulter व Lost to Follow-up मरीजों की नियमित ट्रैकिंग व होम विजिट की जाए और निक्षय पोर्टल पर लोकेशन अपडेट व कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया निरंतर जारी रखी जाए।

बैठक में टीबी से ग्रसित रोगियों के परिवारों को जीविकोपार्जन के लिए सहयोग प्रदान करने और उन्हें विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित करने पर विशेष बल दिया गया। इसके अलावा जिले के स्टेकहोल्डर व कॉर्पोरेट संस्थानों के CSR फंड के माध्यम से टीबी मरीजों को पोषण सहायता उपलब्ध कराने तथा ग्राम पंचायतों में निक्षय मित्र की संख्या बढ़ाने, पोषण सहयोग के लिए टीबी रोगियों व उनके परिवारों को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के नवनिर्मित भवन MGMCH, जमशेदपुर में नोडल DR-TB सेंटर की स्थापना की जानी है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पूर्वी सिंहभूम जिले के लिए राज्य यक्ष्मा कार्यालय से 04 हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन उपलब्ध कराई गई हैं, जिनके संचालन के लिए 04 एक्स-रे टेक्नीशियन व 04 डाटा एंट्री स्टाफ की आवश्यकता है। इसके अलावा मोबाइल वैन के प्रभावी संचालन के लिए लैब टेक्नीशियन-01, एक्स-रे टेक्नीशियन-01, चालक-01, डाटा एंट्री ऑपरेटर-01 व सहायक कर्मी-01 की आवश्यकता बताई गई। उपायुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी समेत स्वास्थ्य विभागीय अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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