डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: होली का त्योहार रंगों के बिना अधूरा है, लेकिन मस्ती के बीच अपनी त्वचा की सुरक्षा को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त रंग न केवल आपकी त्वचा को खराब कर सकते हैं, बल्कि सेहत के लिए गंभीर खतरा भी पैदा कर सकते हैं।
चर्म रोग विशेषज्ञ के अनुसार रंगों में मौजूद हानिकारक रसायन त्वचा पर बुरा प्रभाव डालते हैं। विशेष रूप से अगर रंग आंखों में चला जाए, तो रोशनी जाने तक का खतरा रहता है।
इन बीमारियों के मरीज रहें सावधान
डॉक्टर सलाह देते है कि जिन लोगों को पहले से एक्जिमा, दमा, इस्नोफिलिया की समस्याएं हैं, उन्हें रंगों से खास परहेज करना चाहिए। अगर किसी को पहले से कोई चर्म रोग है, तो रंग पड़ने से वह और बढ़ सकता है। अगर रंग खेलने के बाद त्वचा पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया या समस्या दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सेफ होली के लिए एक्सपर्ट टिप्स
होली का आनंद भी बना रहे और त्वचा भी सुरक्षित रहे, इसके लिए इन बातों का खास ख्याल रखें।
क्या न करें:
केमिकल वाले रंगों से तौबा: रासायनिक तत्वों से बने पक्के रंगों का प्रयोग बिल्कुल न करें।
गीले रंगों से बचें: शरीर और चेहरे पर गीले और गहरे रंगों की जगह हर्बल गुलाल का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर विकल्प है।
बचाव के तरीके:
सुरक्षा कवच: रंग खेलने से पहले त्वचा पर अच्छी गुणवत्ता वाली क्रीम या तेल जरूर लगाएं। यह त्वचा और रंग के बीच एक सुरक्षा परत बना देता है।
धोने का सही तरीका: रंग छुड़ाने के लिए रगड़-रगड़ कर साबुन का इस्तेमाल न करें। पहले सादे पानी से रंग निकालने की कोशिश करें।
मॉइस्चराइजिंग: रंग धोने के बाद त्वचा रूखी हो जाती है, इसलिए बाद में एक अच्छी मॉइस्चराइजिंग क्रीम लगाना न भूलें।

