अवैध खनन: ढिलाई पड़ेगी भारी, आठ CO और SHO पर प्रशासन हुआ सख्त

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक आहूत की गई। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, पुलिस अधीक्षक (नगर) कुमार शिवाशीष, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर, भगीरथ प्रसाद, एसडीएम धालभूम चंद्रजीत सिंह, एसडीपीओ घाटशिला अजीत कुजूर, डीएमओ सतीश नायक समेत अन्य संबंधित विभागीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। वहीं अंचलाधिकारी तथा थाना प्रभारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।

बैठक में पिछले तीन माह में जिले में अवैध खनन, परिवहन व भंडारण की रोकथाम के लिए गठित टास्क फोर्स, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी व संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई को संतोषजनक नहीं पाये जाने पर बहरागोड़ा, चाकुलिया, जमशेदपुर को छोड़कर अन्य सभी अंचलाधिकारी व संबंधित अंचल के थाना प्रभारियों को उपायुक्त द्वारा शो-कॉज करने का निर्देश दिया गया। उन्होने स्पष्ट कहा कि किसी अंचल में खनिजों का अवैध खनन और परिवहन की स्थिति में संबंधित सीओ और थाना प्रभारी की जवाबदेही तय होगी। सभी अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमणशील रहते हुए खनन माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का निदेश दिया।

उपायुक्त ने जिला खनन पदाधिकारी को बालू की कालाबाजारी रोकने, अवैध स्टॉक के विरूद्ध अभियान चला कर कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के लिए जब्त लघु खनिजों की नीलामी कराकर राजस्व बढ़ाने का निदेश दिया। साथ ही लाइसेंसी बालू डीलर के स्टॉक यार्ड से आम नागरिक वैध तरीके से कैसे बालू की खरीदारी कर सकते हैं इस संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार का निदेश दिया गया।

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उपायुक्त ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन, परिवहन व भंडारण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन की ओर से निरंतर अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी व्यक्तियों, संचालकों व वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमों के अनुरूप कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों खनन, पुलिस, वन, परिवहन व प्रदूषण नियंत्रण को आपसी तालमेल और त्वरित सूचना आदान-प्रदान के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए, ताकि खनिज संपदा की सुरक्षा, राजस्व वृद्धि व पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होने कहा कि जनहित और राज्यहित में खनन गतिविधियों को पूरी तरह कानून के दायरे में संचालित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रशासन हर स्तर पर सख्त रुख अपनाएगा।

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