किक बाक्सिंग मामले में बाबूलाल मरांडी ने घेरा हेमंत सरकार को : प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी को अविलंब गिरफ्तारी की डीजीपी से की मांग

mirrormedia
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मिरर मीडिया : किक बाक्सिंग कोच विपुल मिश्रा
से जुड़े यौन शोषण मामले में विपक्ष लगातार हमलावार है जबकि गिरफ़्तारी नहीं होने पर सीबीएसई स्कूल के प्रबंधन भी एकजुट होकर आन्दोलन के मूड में हो गए है। इधर झारखंड बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी मामले को उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किये हैं और डीजेपी से अविलम्ब आरोपियों की गिरफ़्तारी की मांग की है। उन्होंने ट्वीट किया है

झारखंड किक बाक्सिंग संगठन के कोच सह सचिव बिपुल मिश्रा पर धनबाद जिले की एक 17 वर्षीय नाबालिग युवती से अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के अभ्यास सत्र में हिस्सा दिलाने के नाम पर यौन शोषण करने का आरोप है। आरोप है कि जब युवती ने इस बात का विरोध किया तो बिपुल मिश्रा ने उसे और उसके पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित परिजनों द्वारा आरोपी की शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई कारवाई नहीं हुई है। पुलिस के द्वारा आरोपी को पोक्सो एक्ट की धारा के तहत हिरासत में लेने के बावजूद उसे थाने से छोड़ दिया गया।

आरोपी बिपुल मिश्रा के खिलाफ इस प्रकार की शिकायत कई अन्य महिला खिलाड़ी भी कर चुकी हैं। बिपुल के झारखंड सरकार के कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ अच्छे संबंध बताए जा रहे हैं, इस वजह से पुलिस कारवाई करने से बच रही है।

डीजीपी महोदय, यह हमारे राज्य की महिला खिलाड़ियों से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मामला है। इसलिए उक्त विषय पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर अविलंब गिरफ्तार करें।

पुलिस की निष्क्रियता के कारण राज्य की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है। इसलिए दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध भी जांच टीम गठित कर उचित कारवाई करें अन्यथा बीजेपी जोरदार आंदोलन करने को बाध्य होगी।

बता दें कि मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने को लेकर पुलिस प्रशासन से मदद नहीं मिलने के बाद सीडब्ल्यूसी के समक्ष गुरुवार को शिकायत दर्ज करवाई थी। वहीं पूरे मामले पर जानकारी देते हुए पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी पुत्री के साथ किक बॉक्सिंग कोच द्वारा गलत किया गया है और पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं होने से अभियुक्त का मनोबल बढ़ा हुआ है और लगातार धमकी भी दी जा रही है, थाने में बुलाकर पूछताछ के बाद अभियुक्त को छोड़ दिया गया जबकि पोक्सो में गिरफ्तारी होनी चाहिए थी।

उसके मोबाइल से भी तरह-तरह के संदेश वायरल किया जा रहे हैं न्याय की गुहार में सीडब्ल्यूसी की शरण आए हैं। 1 साल से उनकी बेटी के साथ गलत हो रहा था। इस मामले से जुड़े साक्ष्य भी मिटाने की कोशिश की जा रही है।

वही CWC के अध्यक्ष उत्तम मुखर्जी ने बताया कि पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तारी होनी चाहिए थी इस मामले में पीड़ित के पक्ष से शिकायत प्राप्त हुई है वरीय पुलिस अधीक्षक से वार्ता की जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाया जाएगा।

बता दें कि किक बॉक्सिंग कोच को पोक्सो एक्ट में आरोपित बनाया गया है , पुलिस द्वारा इस उसे हिरासत में भी लिया गया था  हालंकि 24 घंटे बाद महिला थाना से ही पुछताछ के बाद उसे थाने से ही पी आर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया था। साइबर डीएसपी सुमित लकड़ा ने बताया था कि विपुल मिश्रा को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिला है, लेकिन अभी क्लीनचिट नहीं दिया गया है।  पोक्सो एक्ट में 30 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।

विदित हो कि  27 अगस्त को महिला थाने में उसके विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म का केश पीड़िता के पिता ने किया था। 17 वर्षीय पीड़िता पंचेत ओपी क्षेत्र की रहने वाली है। वह किक बक्सिंग की खिलाड़ी हैं।

प्राथमिकी में यह बताया गया था कि पिछले साल एक सितंबर से 10 सितंबर तक दार्जलिंग में अंतरराष्ट्रीय किक बाक्सिंग प्रशिक्षण शिविर में। विपुल मिश्रा जो की पीड़िता का प्रशिक्षक था।  विपुल ने दार्जीलिंग में एक सितंबर से दस सितंबर तक उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया था।

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