डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर प्रदेश कमेटी के आह्वान पर पोटका प्रखंड के रसोईया संघ का आंदोलन अब उग्र होता जा रहा है। शुक्रवार को प्रखंड मुख्यालय में रसोईयों के अनिश्चितकालीन हड़ताल का 16वां दिन था। शिक्षा विभाग कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटी महिला रसोईयों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
प्रमुख मांगें जिन पर अड़ा है संघ
आंदोलनकारी रसोईयों ने स्पष्ट किया है कि वे अब केवल आश्वासनों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
उनकी मुख्य मांगें
न्यूनतम मजदूरी: काम के बदले सम्मानजनक न्यूनतम वेतन लागू करना।
स्थायीकरण: लंबे समय से सेवा दे रहे रसोईयों को नियमित करना।
सामाजिक सुरक्षा: मेडिकल सुविधा और बीमा का लाभ देना।
वर्दी भत्ता: साल में दो बार साड़ी उपलब्ध कराना।
जब तक मांग पूरी नहीं, तब तक हड़ताल जारी
प्रखंड अध्यक्ष नागी मुर्मू, सचिव आरती भकत और शकुंतला दास ने संयुक्त रूप से कहा कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि 16 दिन बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई है। जब तक हमारी सात सूत्री मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, यह हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।
स्कूली बच्चों के निवाले पर संकट
रसोईयों की इस बेमुद्दत हड़ताल का सीधा असर अब प्रखंड के सरकारी विद्यालयों की मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर पड़ने लगा है। कई स्कूलों में चूल्हे ठंडे पड़े हैं, जिससे बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिल पा रहा है। अगर सरकार जल्द ही इस पर कोई समाधान नहीं निकालती, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

