डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, विशेषकर मिडिल ईस्ट (ईरान) के युद्ध हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संस्थापक दिवस के अवसर पर जे.एन. टाटा को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने कहा कि हालांकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन टाटा समूह और भारतीय उद्योग जगत इन बाधाओं को पार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

चेयरमैन के संबोधन की खास बातें
सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था पर असर: चेयरमैन ने स्वीकार किया कि युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव से ग्लोबल सप्लाई चेन, ऊर्जा की कीमतों और निवेश पर असर पड़ता है। भारत भी इससे पूरी तरह अछूता नहीं है।
कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि: चंद्रशेखरन ने स्पष्ट किया कि समूह की पहली प्राथमिकता अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा है। टाटा समूह के कर्मचारी होटल, एयर इंडिया और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर कार्यरत हैं, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना कंपनी की जिम्मेदारी है।
टाटा स्टील पर प्रभाव: मिडिल ईस्ट से टाटा स्टील को होने वाली लाइमस्टोन (चूना पत्थर) की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि कंपनी के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वे किसी भी स्थिति को संभालने में सक्षम हैं।
AI और टीसीएस के लिए नए अवसर: तकनीक पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से डरने की जरूरत नहीं है। एआई के आने से टाटा मोटर्स, टाटा स्टील और फाइनेंस सेक्टर में नए अवसर पैदा होंगे, जिसका सीधा लाभ TCS को मिलेगा।
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, मौजूदा हालात का आंशिक असर पड़ सकता है, लेकिन उद्योगों को संयम और दूरदर्शिता के साथ आगे बढ़ना होगा। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति बहाली के लिए जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगा। चेयरमैन ने एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि चुनौतियां आती-जाती रहती हैं, लेकिन टाटा समूह अपने ग्राहकों तक निरंतर आपूर्ति बनाए रखने और अपनी सप्लाई चेन को सस्टेनेबल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्व शांति की कामना करते हुए आर्थिक गतिविधियों के सामान्य होने की आशा व्यक्त की।

