धनबाद। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, दिव्यांग बच्चों के अभिभावक तथा शिक्षा से जुड़े लोग शामिल हुए।
कार्यशाला का आयोजन गोविंदपुर और झरिया प्रखंड में किया गया। गोविंदपुर प्रखंड के शिक्षकों के लिए प्रखंड संसाधन केंद्र गोविंदपुर (राजकीय बुनियादी विद्यालय गोविंदपुर) के सभागार में तथा झरिया प्रखंड के लिए झरिया अकैडमी हाई स्कूल के सभागार में कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में रूपा चक्रवर्ती (रिसोर्स शिक्षक, गोविंदपुर) और मोहम्मद मुस्तफा अंसारी (फिजियोथैरेपिस्ट, गोविंदपुर) ने आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के अंतर्गत परिभाषित दिव्यांगता की विभिन्न श्रेणियों की जानकारी दी। साथ ही दिव्यांग बच्चों के लिए अनुकूल शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की विभिन्न विधियों पर चर्चा की गई, ताकि ऐसे बच्चों को विद्यालय के साथ-साथ घर पर भी गृह आधारित प्रशिक्षण मिल सके और वे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े रहें।
जिला समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण प्रभारी अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि सभी विद्यालय अपने पोषक क्षेत्र में रहने वाले बच्चों का सर्वे कर दिव्यांग बच्चों की पहचान करें और उनकी सूची प्रखंड संसाधन केंद्र में जमा करें। इससे विभागीय योजनाओं में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकेगी तथा उन्हें आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण और शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। उन्होंने सभी दिव्यांग बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने बताया कि जो बच्चे बिना सहायता के विद्यालय नहीं जा पाते हैं, उनके लिए विभागीय योजनाओं के तहत एस्कॉर्ट भत्ता, परिवहन भत्ता और रीडर भत्ता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा सकती है।
अभिभावकों से दिव्यांग बच्चों का चिकित्सा प्रमाण पत्र बनवाने और यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन (UDID) कार्ड बनाने के लिए निकटतम प्रज्ञा केंद्र में आवेदन करने का भी अनुरोध किया गया।
वहीं झरिया प्रखंड में अखलाक अहमद (रिसोर्स शिक्षक) और मनोज कुमार सिंह (फिजियोथैरेपिस्ट) ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और दिव्यांग बच्चों के अभिभावकों को आवश्यक जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक किया।

