अंधविश्वास की भेंट चढ़ा मासूम और मां: ‘डायन’ बताकर पेट्रोल से जिंदा जलाया, रूह कंपा देगी यह वारदात

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: इक्कीसवीं सदी में जहां दुनिया चांद-तारों पर बसने की बात कर रही है, वहीं झारखंड के सुदूर ग्रामीण इलाकों में ‘अंधविश्वास’ आज भी काल बनकर घूम रहा है। ताजा मामला कुमारडुंगी थाना क्षेत्र के कलाईया गांव का है, जहां ‘डायन’ होने के शक में एक महिला और उसके महज 6 महीने के मासूम बच्चे को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया।

आधी रात को ‘मौत’ बनकर आए ग्रामीण
घटना मंगलवार रात 9 बजे की है। जानकारी के अनुसार कोल्हान सिंकु का परिवार अपने घर में सो रहा था, तभी गांव के ही रासिका बिरुवा ने अपने साथियों के साथ धावा बोल दिया। शोर सुनकर कोल्हान अपनी दोनों पत्नियों के साथ बाहर आया। वहां मौजूद भीड़ ने कोल्हान की दूसरी पत्नी, 32 वर्षीय ज्योति सिंकु पर ‘डायन’ होने का आरोप मढ़ दिया।

मदद की गुहार अनसुनी, तड़पकर तोड़ा दम
पीड़ित पति कोल्हान ने हाथ जोड़कर पंचायत में मामले को सुलझाने की विनती की, लेकिन सनक में डूबे हमलावरों पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने ज्योति पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

दिल दहला देने वाला मंजर: आग की लपटों से घिरी मां ने अपने 6 महीने के बच्चे को बचाने के लिए उसे जमीन पर गिरा दिया और खुद घर के अंदर कंबल की ओर भागी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

दुधमुंहे की भी मौत: जमीन पर गिरे मासूम ने भी आग की चपेट में आने के कारण मौके पर ही दम तोड़ दिया। कोल्हान किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहा।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 5 गिरफ्तार
बुधवार को जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली, पूरे महकमे में हड़कंप मच गया। जगन्नाथपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रफायल मुर्मु के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रासिका बिरुवा सहित 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

रासिका बिरुवा (29 वर्ष), जेना बिरुवा (19 वर्ष), सोना बिरुवा (36 वर्ष), डेलगा सिंकु (20 वर्ष), सुकुमारी बिरुवा।

वैज्ञानिक तरीके से हो रही जांच
पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला, रांची की टीम को बुलाया गया है। पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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