डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : जमशेदपुर की मानगो पुलिस ने गो-तस्करी के एक बड़े और शातिर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए एक लग्जरी ‘इनोवा’ कार और बाइक की ‘फर्जी नंबर प्लेट’ का सहारा लिया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता के आगे उनकी एक न चली।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
मानगो थाना प्रभारी नित्यानंद प्रसाद को मंगलवार रात एक गुप्त सूचना मिली थी कि आजाद नगर रोड नंबर-2 के रास्ते एक कार से गो-वंश की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत इलाके में चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक संदिग्ध सफेद इनोवा कार आती दिखी, जिसे पुलिस ने रुकने का इशारा किया।
कार के अंदर का नजारा देख दंग रह गई पुलिस
जब पुलिस ने कार को रोककर उसकी तलाशी ली, तो अंदर का दृश्य भयावह था। लग्जरी कार की सीटों को हटाकर उसमें पांच गो-वंशों को अत्यंत क्रूरता के साथ रस्सियों से बांधकर ठूंसा गया था। बंद गाड़ी और दम घुटने की स्थिति के कारण पशुओं की हालत बेहद गंभीर थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
शातिराना चाल: कार पर थी बाइक की नंबर प्लेट
जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस को गुमराह करने के लिए तस्करों ने कार पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर लगाया था। छानबीन में पता चला कि कार पर जो नंबर प्लेट लगी थी, वह वास्तव में एक बाइक की थी। इसका मकसद हाई-वे और टोल नाकों पर पहचान छिपाना था।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर लिया है और ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि इस तस्करी के पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। पकड़े गए आरोपी से मिली लीड के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

