डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : लौहनगरी के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ की टीम को नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार को एक विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ ने चार अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है, जो सोयाबीन की बोरियों में छिपाकर भारी मात्रा में गांजा बिहार ले जाने की फिराक में थे।
सोयाबीन के बीच छिपा था ‘काला कारोबार’
पकड़े गए तस्करों के पास से कुल 75 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 37.5 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे को सोयाबीन की 6 बोरियों में बेहद शातिर तरीके से छिपाया था। हर बोरी में लगभग 12.50 किलो गांजा भरा हुआ था।
आधी रात को समलेश्वरी एक्सप्रेस से पहुंचे थे टाटानगर
आरपीएफ निरीक्षक राकेश मोहन के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया गया कि तस्कर मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे समलेश्वरी एक्सप्रेस से टाटानगर स्टेशन पहुंचे थे। इनका इरादा यहां से शालीमार-गोरखपुर एक्सप्रेस पकड़कर उत्तर प्रदेश के देवरिया और बिहार के बेतिया जाने का था।
RPF की मुस्तैदी से फेल हुआ प्लान
स्टेशन के निकास द्वार पर संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए आरपीएफ की टीम ने जब इन्हें रोका और तलाशी ली, तो बोरियों के अंदर का सच सामने आ गया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अजय कुमार, रवि कुमार उर्फ बेंगा, मोहित कुमार सिंह, राजा सोनार उर्फ राज के रुप में हुई है। ये सभी आरोपी 20 से 35 वर्ष की आयु के हैं और मूल रूप से पश्चिमी चंपारण (बिहार) के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि ये नशे की यह खेप ओडिशा के विभिन्न जिलों से लेकर आए थे।
दो अलग-अलग ग्रुप, एक ही मकसद
जांच में यह भी सामने आया कि पकड़े गए तस्कर दो अलग-अलग गुटों में थे। तीन तस्कर एक साथ थे, जबकि चौथा आरोपी स्टेशन के प्रवेश द्वार पर पकड़ा गया, जो पहले से ही टाटानगर पहुंच चुका था और बिहार जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहा था। फिलहाल आरपीएफ ने चारों आरोपियों को जब्त गांजे के साथ आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रेलवे थाना पुलिस को सौंप दिया है।

