डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में जल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। आलम यह है कि 550 बेड वाले इस अस्पताल की पूरी व्यवस्था फिलहाल नगर निगम के पानी टैंकरों के सहारे रेंग रही है।
गर्मी शुरू होने से पहले ही ‘सूखा’ पड़ा अस्पताल
अभी गर्मी के मौसम ने पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन अस्पताल में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मचने लगी है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर अभी यह हाल है, तो आने वाले तपते महीनों में स्थिति हाथ से बाहर हो सकती है। फिलहाल अस्पताल की अपनी पानी की आपूर्ति ठप है और नगर निगम द्वारा भेजे जा रहे टैंकरों से केवल जरूरी काम ही निपटाए जा रहे हैं।
प्राचार्य ने जताई चिंता, विभाग को लिखा पत्र
एमजीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने बताया कि स्थिति वाकई चिंताजनक है। उन्होंने जानकारी दी कि अस्पताल की टंकी में पानी स्टोर करके जैसे-तैसे समस्या को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। नगर निगम से अनुरोध किया गया है कि वे जरूरत के हिसाब से प्रतिदिन पानी के टैंकर उपलब्ध कराएं। संबंधित विभाग को भी स्थिति की गंभीरता से अवगत करा दिया गया है ताकि जल्द ही कोई स्थायी समाधान निकाला जा सके।
मरीजों और तीमारदारों की बढ़ी मुश्किलें
अस्पताल में भर्ती सैकड़ों मरीजों और उनके साथ आए परिजनों के लिए पानी की कमी एक नई मुसीबत बन गई है। पीने के पानी से लेकर साफ-सफाई तक के लिए पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। अगर समय रहते जल आपूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो कोल्हन के इस सबसे बड़े अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा सकती है।

