Jamshedpur Murder Case: कुल्हाड़ी, चापड़ और भुजाली… करणी सेना नेता की हत्या में शामिल 4 और दबोचे गए, कुल गिरफ्तारियों का आंकड़ा पहुंचा 9

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर में हुए चर्चित करणी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड में पूर्वी सिंहभूम पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. एहतेशाम वकारीब के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी और जमीनी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक नाबालिग समेत चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर अब 9 हो गई है।

ताजा गिरफ्तारियां और भारी मात्रा में हथियार बरामद
​पुलिस द्वारा हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान लखींद्र लोहार, जगदीश मंडल, विजय महानंद और एक नाबालिग के रूप में की गई है। एसएसपी ने बताया कि ये चारों आरोपी घटना के समय न केवल मौके पर मौजूद थे, बल्कि वारदात में इनकी सक्रिय भूमिका भी थी। सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच में आरोपी लखींद्र लोहार की मौजूदगी के स्पष्ट साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए और छुपाए गए घातक हथियारों का जखीरा बरामद किया है।

पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामानों की सूची
​लोहे का चापड़, कुल्हाड़ी और भुजाली
​8 धारदार स्टील चाकू और 1 लोहे का पंच
​वारदात के बाद फरार होने में इस्तेमाल की गई हीरो कंपनी की मोटरसाइकिल (धातकीडीह से बरामद)
​5 सक्रिय मोबाइल फोन
डबल डाउन बार के संचालक सह भाजपा नेता नीरज सिंह पर कसा शिकंजा
​इस हत्याकांड का सबसे बड़ा एंगल बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के संचालक सह भाजपा नेता नीरज सिंह और बार मैनेजर विजय महानंद की गिरफ्तारी है। पुलिस ने इन दोनों को राजस्थान के सीकर जिला स्थित प्रसिद्ध खाटूश्यामजी धाम क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। बार मैनेजर विजय महानंद को पुलिस जमशेदपुर लेकर पहुंच चुकी है, जबकि नीरज सिंह को ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद इन लोगों ने नामजद आरोपियों को भागने, छिपने और हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों व वाहनों को ठिकाने लगाने में सक्रिय रूप से मदद की थी।

क्या था पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?
​यह खूनी खेल बीते 27 जून की रात करीब 11:30 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डबल डाउन बार के अंदर शुरू हुआ था। बार के भीतर छेड़खानी को लेकर हिमांशु सिंह और प्रत्यूष सिंह का विवाद विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा और अन्य लोगों के साथ हुआ। यह विवाद बार के बाहर आने पर बेहद हिंसक हो गया। बार से निकलते ही आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हिमांशु सिंह और प्रत्यूष सिंह पर चाकू, चापड़ और कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस जानलेवा हमले में हिमांशु सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे, जिनकी इलाज के दौरान 29 जून की शाम टीएमएच अस्पताल में मौत हो गई। मामले में बिष्टुपुर थाना में कांड संख्या 84/2026 दर्ज है।

मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल अब भी फरार, ₹2 लाख का इनाम
​एसएसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी और मुख्य हमलावर विश्वनाथ मंडल अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस पर पुलिस ने दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। एसआईटी की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। फिलहाल गिरफ्तार किए गए सभी 9 आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है।

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