डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। शुक्रवार को अस्पताल की चौथी मंजिल से कूदकर 25 वर्षीय एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान परसुडीह निवासी अरशद आलम के रूप में हुई है।
मां की ममता भी नहीं रोक सकी कदम
जानकारी के मुताबिक, अरशद पिछले कुछ दिनों से मेडिसिन विभाग में भर्ती था। बताया जा रहा है कि वह HIV और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों के साथ-साथ मानसिक तनाव और नशे की लत से भी जूझ रहा था।
घटना वाली रात अरशद काफी बेचैन था। उसने रात में दो बार पहले भी वार्ड से कूदने की कोशिश की थी, लेकिन वहां मौजूद उसकी मां ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे रोक लिया। शुक्रवार तड़के जब उसकी मां की आंख लग गई, तभी अरशद शौचालय जाने का बहाना बनाकर निकला और खिड़की के रास्ते नीचे कूद गया। मां की नींद खुली और उन्होंने उसे रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप
तेज आवाज सुनकर जब अस्पताल कर्मी और सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे तो अरशद लहूलुहान हालत में जमीन पर पड़ा था। उसे तत्काल इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों और उनके परिजनों के बीच दहशत का माहौल है।
सुरक्षा और सिस्टम पर उठते सवाल
इस दुखद घटना ने अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
निगरानी की कमी: जब मरीज ने रात में दो बार सुसाइड का प्रयास किया, तो क्या इसकी जानकारी ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को दी गई थी?
सुरक्षा ग्रिल: क्या अस्पताल की खिड़कियों पर पर्याप्त सुरक्षा ग्रिल नहीं हैं, जो एक मरीज इतनी आसानी से वहां से कूद गया?
काउंसलिंग का अभाव: क्या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अस्पताल में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श की उचित व्यवस्था है?
पुलिस जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले के हर पहलू की जांच कर रहे हैं और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

