Jamshedpur: RTE के दावों की खुली पोल, 9वीं में आते ही गरीब छात्रा से मांगी पूरी फीस, परीक्षा से पहले रोका एडमिट कार्ड

Manju
By Manju
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डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: शिक्षा के अधिकार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 12वीं तक मुफ्त शिक्षा के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत जमशेदपुर में तार-तार होती दिख रही है। लौहनगरी के सोनारी स्थित आर.एम.एस. हाई स्कूल (बालिचेला) से एक ऐसा ही संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां 8वीं पास कर 9वीं में पहुंची एक आर्थिक रूप से लाचार छात्रा का स्कूल प्रबंधन ने कथित तौर पर एडमिट कार्ड रोक दिया। कसूर सिर्फ इतना था कि उसका परिवार स्कूल की भारी-भरकम रेगुलर फीस चुकाने में असमर्थ है। इस अमानवीय रवैये के खिलाफ जमशेदपुर अभिभावक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त और जिला शिक्षा अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।

8वीं तक मुफ्त, 9वीं में आते ही नो मनी, नो एग्जाम?
​यह पूरा मामला छात्रा चांदनी कुमारी (एडमिशन नंबर: 10-549/16) से जुड़ा है। चांदनी ने आरटीई अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(C) के तहत आरएमएस हाई स्कूल बालिचेला में दाखिला लिया था। चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 में उसने सफलतापूर्वक 8वीं पास की और 9वीं कक्षा में प्रमोट हुई। लेकिन जैसे ही चांदनी ने 9वीं दहलीज पर कदम रखा, स्कूल प्रबंधन का रुख बदल गया। आरोप है कि प्रबंधन ने उससे आम बच्चों की तरह पूरी फीस वसूलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

मां लगाती है दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा
​चांदनी की मां दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ करके किसी तरह अपने परिवार का पेट पालती हैं। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के सामने हाथ जोड़कर अपनी तंगहाली का हवाला दिया और केवल 20% फीस देने की असमर्थता जताई। लेकिन प्रबंधन अपनी जिद पर अड़ा रहा, जिसका नतीजा यह हुआ कि मंगलवार 7 जुलाई 2026 से शुरू होने वाली परीक्षा के लिए चांदनी का एडमिट कार्ड ही रोक दिया गया। परीक्षा छूटने के डर से छात्रा गहरे मानसिक तनाव में है।

क्या कहता है नियम? NEP 2020 का सरेआम उल्लंघन
​जमशेदपुर अभिभावक संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश कुमार ने जिला प्रशासन को सौंपे पत्र में स्कूल की इस मनमानी को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का खुला उल्लंघन बताया है।
क्या है कानून: नई शिक्षा नीति 2020 की कंडिका 8.8 में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों को कक्षा 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा दी जानी चाहिए।
अभिभावक संघ का दर्द: डॉ. उमेश कुमार ने कहा कि पूरे देश में शिक्षा नीति लागू होने का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, लेकिन जमशेदपुर के गरीब बच्चों को इसका हक नहीं मिल पा रहा। निजी स्कूल नियमों को ताक पर रखकर अपनी मनमानी चला रहे हैं।

इंसाफ के लिए अभिभावक संघ की बड़ी मांगें
​मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिभावक संघ ने DC और DSE से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
तत्काल राहत: आर.एम.एस. हाई स्कूल बालिचेला प्रबंधन को तुरंत आदेश जारी किया जाए, ताकि चांदनी कुमारी बिना किसी रुकावट के परीक्षा में बैठ सके।
स्थाई समाधान: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चांदनी को कक्षा 12वीं तक की शिक्षा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए।

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