डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर. टाटा स्टील में परिवहन कार्य से जुड़े ड्राइवरों और वाहन मालिकों ने अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। लोकल ट्रेलर ओनर्स यूनियन ने आगामी 11 फरवरी से टाटा स्टील के मुख्य द्वार पर अर्द्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन करने और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है।
इस बड़े आंदोलन में लगभग 7000 ड्राइवरों के शामिल होने की उम्मीद है, जिससे शहर की परिवहन व्यवस्था और कंपनी के लॉजिस्टिक्स पर गहरा असर पड़ सकता है।
आंदोलन के मुख्य कारण
बर्मामाइंस स्थित यूनियन कार्यालय में हुई बैठक के बाद यूनियन अध्यक्ष जयकिशोर सिंह ने हड़ताल के प्रमुख कारणों को रेखांकित किया।
उचित वेतन का अभाव: ड्राइवरों का आरोप है कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दी जा रही है।
अवैध वसूली: आरोप लगाया गया है कि कंपनी परिसर के भीतर ड्राइवरों से अवैध वसूली की जा रही है।
भ्रष्टाचार का आरोप: यूनियन अध्यक्ष ने सीधे तौर पर कंपनी के एक अधिकारी पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया है, जिससे ड्राइवरों का आर्थिक शोषण हो रहा है।
वाहन मालिकों की समस्या: ट्रांसपोर्ट दरों में उचित बढ़ोतरी न होने के कारण वाहन मालिकों के लिए व्यवसाय चलाना मुश्किल हो गया है।
यूनियन का स्टैंड
जयकिशोर सिंह ने कहा कि प्रबंधन की अनदेखी और भ्रष्टाचार के कारण ड्राइवर और वाहन मालिक भुखमरी की कगार पर हैं। हमने मजबूर होकर यह कदम उठाया है। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होतीं और अवैध वसूली बंद नहीं होती, यह आंदोलन जारी रहेगा। इस हड़ताल से टाटा स्टील के भीतर और बाहर माल की आवाजाही ठप होने की आशंका है। अब देखना यह है कि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन इस उग्र प्रदर्शन को रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।

