डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : औद्योगिक नगरी जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले के लाखों उपभोक्ताओं को जल्द ही बिजली का तगड़ा झटका लगने वाला है। बिजली आपूर्ति करने वाली कंपनी टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड, जो पहले जुस्को थी, ने बिजली की दरें बढ़ाने के लिए झारखंड बिजली नियामक आयोग को नया प्रस्ताव दिया है।
यह वृद्धि इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि कंपनी ने 1 अप्रैल 2025 को ही नया टैरिफ लागू किया था। यानी सिर्फ सात महीने बाद नवंबर में फिर से दरें बढ़ाने का आवेदन दिया गया है।
कितना बढ़ जाएगा बिजली का बोझ?
TSUISL ने अप्रैल 2026-27 के लिए जो नया टैरिफ प्रस्ताव सौंपा है, वह उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ेगा।
फिक्स चार्ज – इसमें 5 से 50 रुपये तक की वृद्धि का प्रस्ताव है।
एनर्जी चार्ज – इसमें 40 से 80 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि प्रस्तावित है।
इस प्रस्ताव के बाद, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी होने की पूरी आशंका है।
जमशेदपुर में वर्तमान दरें और प्रस्तावित वृद्धि (अप्रैल-2025 के बाद)
फिक्स चार्ज 4 से 20 रुपये 5 से 50 रुपये
एनर्जी चार्ज 10 से 60 पैसे प्रति यूनिट 40 से 80 पैसे प्रति यूनिट
सरायकेला-खरसावां क्षेत्र में:
फिक्स चार्ज 20 से 50 रुपये कोई बदलाव नहीं (अभी तक)
एनर्जी चार्ज 60 पैसे से 1.75 रुपये प्रति यूनिट 6 से 12 पैसे प्रति यूनिट
अस्थायी कनेक्शन: दोनों क्षेत्रों में अस्थायी कनेक्शन के लिए फिक्स चार्ज और एनर्जी चार्ज में 1.50 गुना ज्यादा वृद्धि की मांग की गई है।
आम आदमी पर क्या होगा असर?
बिजली की दरें बढ़ाने के प्रस्ताव से साफ़ है कि जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के निवासियों को अब अपनी मासिक बिजली बिल के लिए और अधिक भुगतान करना होगा। नियामक आयोग इस प्रस्ताव की समीक्षा करेगा और विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद ही नई दरें तय की जाएंगी।

