डिजिटल डेस्क।जमशेदपुर: जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी के उन सैंकड़ों छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जो अपनी डिग्री की वैधता को लेकर चिंतित थे। नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन की पूर्व क्षेत्रीय समिति ने विश्वविद्यालय के तीन प्रमुख प्रोफेशनल कोर्स B.Ed, M.Ed और B.P.Ed को शैक्षणिक सत्र 2021-22 से आधिकारिक मान्यता दे दी है।
उलझन हुई खत्म, करियर की राह हुई साफ
दरअसल इससे पहले इन कोर्सेज की मान्यता को लेकर एक तकनीकी पेंच फंसा हुआ था। अक्टूबर 2024 में हुई समिति की बैठक में मान्यता तो दे दी गई थी, लेकिन किस सत्र से यह लागू होगी, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। अब 16 जनवरी को हुई NCTE की 387वीं बैठक में यह साफ कर दिया गया है कि यह मान्यता 2021-22 के सत्र से ही प्रभावी मानी जाएगी।
छात्रों को मिली बड़ी राहत
इस फैसले से सबसे ज्यादा सुकून उन छात्राओं को मिला है जिन्होंने 2021-22 सत्र में दाखिला लिया या पास हुई। अब तक शुरुआती दस्तावेज पुराने ‘जमशेदपुर महिला कॉलेज’ के नाम पर थे, जिससे नौकरी के आवेदनों और करियर की राह में बाधा आ रही थी। अब विश्वविद्यालय के नाम पर सत्र-वार मान्यता मिलने से यह समस्या जड़ से खत्म हो गई है।
टीम की मेहनत लाई रंग
इस बड़ी उपलब्धि का श्रेय कुलपति प्रोफेसर डॉ. अंजिला गुप्ता के कुशल नेतृत्व को दिया जा रहा है। उनके साथ परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रमण्यम, को-ऑर्डिनेटर डॉ. कामिनी कुमारी और शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. संजय भुइयां के निरंतर प्रयासों ने इस नामुमकिन से दिखने वाले कार्य को संभव कर दिखाया।
डॉ. अंजिला गुप्ता ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय के गौरव और छात्राओं के उज्जवल भविष्य के लिए एक मील का पत्थर है।

