रांची। राज्य के सरकारी विद्यालयों के समय सारणी में बदलाव की मांग जोर पकड़ रही है। झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सचिव ने शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन एवं शिक्षा सचिव को पत्र सौंपते हुए विद्यालय के समय को प्रातः 6:30 से 11:30 तक करने का अनुरोध किया है।
भीषण गर्मी और छात्रों की परेशानी
संघ का कहना है कि वर्तमान समय में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे छात्रों को भारी परेशानी हो रही है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र पैदल या साइकिल से स्कूल आते हैं। खासकर उच्च विद्यालय एवं +2 विद्यालयों के छात्र, जो 8-10 किमी दूर से आते हैं, उन्हें भीषण गर्मी में लौटना पड़ता है।
मध्याह्न भोजन योजना की कमी
संघ ने यह भी बताया कि उच्च विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (MDM) की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे कई बच्चे बिना भोजन के स्कूल आते हैं। गर्मी में खाली पेट रहने के कारण वे लू का शिकार हो जाते हैं, जिसका असर उनके स्वास्थ्य और पढ़ाई पर पड़ता है।
कोरोना काल के बाद सत्र में बदलाव
कोविड-19 के कारण स्कूलों की पढ़ाई बाधित हुई थी, जिसकी भरपाई के लिए शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र को आगे बढ़ाकर 2022 में जुलाई, 2023 में जून और 2024 में मई से प्रारंभ किया था। अब 2025 में सत्र सामान्य रूप से अप्रैल से शुरू हो रहा है। परंपरागत रूप से गर्मी के मौसम में स्कूलों का समय 6:30 से 11:30 बजे तक ही रखा जाता था, जिसे पुनः लागू करने की मांग की गई है।
संघ की अपील
संघ ने शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव से अनुरोध किया है कि ग्रीष्मकालीन अवधि के दौरान विद्यालय का समय सुबह 6:30 से 11:30 तक निर्धारित किया जाए, ताकि छात्र गर्मी से बच सकें और उनकी शिक्षा सुचारू रूप से चलती रहे।