आगामी 9 अप्रैल को बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। इससे पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। ये चर्चा शुरू हो गई है कि इस बार कौन राज्यसभा जा सकता है। नेताओं ने बयानबाजी शुरू कर दी है। इसके साथ ही सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर सीटों को लेकर खींचतान शुरू हो गई है।
कुशवाहा के बाद मांझी का दावा
एनडीए में शामिल उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) ने साफ कहा है कि विधानसभा चुनाव से पहले एक सीट का वादा किया गया था। इसके बाद अब जीतन राम मांझी ने भी दावा ठोक दिया है। हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) का भी कहना है कि एक सीट चाहिए। जीतन राम मांझी ने गठबंधन में अपनी पार्टी को मिलने वाले वादे पर जोर दिया है।
मांझी ने दिलाई वादे की याद
पटना में मीडिया से बातचीत में जीतन राम मांझी ने बताया कि उनसे राज्यसभा की एक सीट के लिए वादा किया गया था। उन्होंने कहा, “हमने मांग नहीं की है। हमें कहा गया था कि हमें 2 लोकसभा और एक राज्यसभा सीट दी जाएगी। मुझे नहीं लगता कि हमारा नेतृत्व अपनी बात से मुकर जाएंगे। हम आखिरी तक इंतजार करेंगे। हम मांग नहीं करेंगे, हम देखेंगे कि वे देते हैं या नहीं…।”
मांझी की पार्टी पहले ही जता चुकी है नाराजगी
जीतन राम मांझी के बयान से पहले ही उनकी पार्टी के नेता राजेश कुमार ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि एनडीए में उनकी पार्टी को अक्सर कम आंका जाता है। उन्होंने 2025 के विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि तब पार्टी को केवल छह सीटें दी गई थीं। राजेश कुमार ने कहा, “हमारे नेता जीतन राम मांझी हमेशा आवाज उठाते रहे हैं, इसलिए हमारी पार्टी भी राज्यसभा के लिए एक सीट पर दावा कर रही है।”
राज्यसभा की पांचवी सीट पर फंसा पेंच
बता दें कि पांच सीटों में से चार पर एनडीए की जीत तय है। एक सीट के लिए लड़ाई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (एआईएमआईएम) का कहना है कि वह अपना उम्मीदवार देना चाहती है। वहीं आरजेडी का कहना है कि एआईएमआईएम अपना समर्थन दे और हिना शहाब (शहाबुद्दीन की पत्नी) को राज्यसभा भेजा जाए। हालांकि आरजेडी की ओर से विधायक भाई वीरेंद्र ने यह अपनी व्यक्तिगत बात कही है। अब देखना होगा आगे क्या होता है।

