डिजिटल डेस्क। जमशेदपुर : लौहनगरी के कदमा इलाके में सरकारी रसूख और कंपनी के नियमों के बीच टकराव का एक बड़ा मामला सामने आया है। कदमा फार्म एरिया रोड नंबर 1 स्थित क्वार्टर संख्या 1 को लेकर घंटों हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। आरोप है कि थाना प्रभारी के बॉडीगार्ड ने आवंटित क्वार्टर का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया था, जिसे टाटा स्टील यूआईएसएल की SRT टीम ने भारी विरोध के बीच खाली कराया।
क्या है पूरा विवाद?
यह क्वार्टर 16 मार्च को टाटा स्टील के मैकेनिकल विभाग में कार्यरत एक महिला कर्मचारी को आवंटित किया गया था। लेकिन जब महिला अपने क्वार्टर पहुंची, तो नज़ारा बदला हुआ था।
ताला टूटा मिला: महिला का लगाया हुआ ताला टूटा था और अंदर कुछ लोग मौजूद थे।
वर्दी का रौब: आरोप है कि अंदर मौजूद लोगों में एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था।
बदसलूकी: जब महिला कर्मचारी ने विरोध किया, तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उनका हेलमेट तक छीन लिया गया।
SRT की कार्रवाई और पुलिस से ‘नोकझोंक’
शिकायत मिलते ही अधिकारी अंशु कुमार के नेतृत्व में SRT मौके पर पहुंची। टीम ने सख्त रुख अपनाते हुए क्वार्टर का ताला तोड़ दिया और अंदर रखा सामान, जिसमें एक पल्सर बाइक भी शामिल थी, बाहर निकाल दिया। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और कंपनी के अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।
थाना प्रभारी की सफाई: ‘अंगरक्षक’ पर फिर उठे सवाल
चर्चा है कि कदमा थाना प्रभारी के अंगरक्षक राहुल कुमार ने रात के अंधेरे में इस क्वार्टर पर कब्जा किया था। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कदमा बाजार मेन रोड के एक अन्य क्वार्टर विवाद में भी इसी बॉडीगार्ड का नाम उछला था। हालांकि कदमा थाना प्रभारी दिलीप यादव ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि क्वार्टर खाली था और कब्जे जैसी कोई बात नहीं है।

