डिजिटल डेस्क/जमशेदपुर : बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया से अपहृत युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण को दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अपहृत की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, इसलिए हर कदम बेहद सतर्कता से उठाया जा रहा है।
पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार जांच कर रही है, लेकिन बताया जा रहा है कि अपहृत के परिजन भी गोपनीयता बरत रहे हैं, जिससे जांच प्रभावित हो रही है। फिलहाल पुलिस ‘वेट एंड वॉच’ की रणनीति पर काम कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, अपहरण का मकसद पांच करोड़ रुपये की फिरौती बताया जा रहा है। पुलिस ने बिहार के औरंगाबाद, वैशाली, पटना, मोकामा, मोतीहारी और जमुई में अलग-अलग टीमें तैनात कर छापेमारी शुरू कर दी है। इसके साथ ही पूर्व में जमशेदपुर में हुए अपहरण मामलों में सक्रिय रहे बिहार के गिरोहों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
अपहरण में इस्तेमाल की गई सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार के पंजीयन नंबर के आधार पर वाहन मालिक तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या स्थानीय अपराधियों ने इस अपहरण में सहयोग किया है। मध्यस्थता होते ही मामले में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई जा रही है।

