झारखंड के रांची से जमीन घोटाला से जुड़े मामले में बड़ी खबर है। बता दें कि ED आज कारोबारी कमलेश से पूछताछ करेगी। कमलेश को समन भेजकर आज पूछताछ के लिए बुलाया है। हालांकि इससे पहले भी कमलेश को ED ने समन भेजा था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुआ।
फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी और आदिवासी जमीन की खरीद बिक्री का आरोप
फर्जी दस्तावेज के आधार पर सरकारी और आदिवासी जमीन की खरीद बिक्री का कारोबारी कमलेश पर आरोप है। विदित हो कि 21 जून को कमलेश के कांके रोड स्थित उनके अपार्टमेंट में छापेमारी हुई थी जहाँ एक करोड़ कैश के साथ 100 कारतूस भी बरामद किया गया है। बता दें कि जमीन घोटाला मामले में ED ने कमलेश को समन भेजा था पर वो उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद ED ने उसके घर में छापेमारी शुरू की। वहीं अब दोबारा समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है।
कैश के साथ कई अहम दस्तावेज भी हाथ लगे
वहीं ED की टीम को उसके कांके रोड में चांदनी चौक स्थित एस्टर ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 603 सी से छापेमारी में कैश के साथ कई अहम दस्तावेज भी हाथ लगे है। बताया जाता है कि कमलेश का बड़े अधिकारियों से भी बेहतर संबंध रहा है।
जमीन के कागजात में हेराफेरी कर कई अन्य अधिकारियों को जमीन दिलाई
झारखंड के पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी के नाम पर ली गई कांके स्थित जमीन के मामले में भी कमलेश का नाम सामने आया था। उसने जमीन के कागजात में हेराफेरी कर कई अन्य अधिकारियों को भी जमीन दिलाई है। उससे जमीन खरीदने वाले पूर्व में विवाद में भी फंसे थे।
कमलेश सिंह दस वर्षों में पत्रकार से बना भूमाफिया
कमलेश सिंह महज दस वर्षों में ही फोटो पत्रकार से जमीन का बड़ा माफिया बन गया। उसने रांची में सीएनटी प्रकृति की आदिवासी जमीन को सामान्य बनाकर बेच डाला। इतना ही नहीं, उसने सरकारी भूमि के कागजात में भी हेराफेरी कर करोड़ों रुपये में उसका सौदा कर दिया।
कमलेश पहले भी जमीन से जुड़े मामले में जा चूका है जेल
उसने कई विवादित जमीन की खरीद-बिक्री की और इस मामले में पूर्व में रांची पुलिस के हाथों गिरफ्तार कर जेल भी जा चुका है, जहां से छूटने के बाद फिर से वह अपने इसी धंधे में लगा रहा। कांके में जुमार नदी के किनारे इसने नदी की जमीन को समतल करवाकर उस पर कब्जा किया और उसकी खरीद-बिक्री की। उसने जमीन के इस धंधे से दस साल के भीतर करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली है।