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विक्रम मिस्री के चीनी दूतावास जानें पर राहुल गांधी का तीखा सवाल, पूछा-क्या 20 जवानों की शहादत का केक काटने गए

राहुल गांधी ने चीन के राजदूत के साथ विदेश सचिव के केक काटने को लेकर केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। लोकसभा में राहुल गांधी ने सवाल दागा कि चीनी दूतावास में क्या हमारे सैनिकों की शहादत का केक काटने गए थे विक्रम मिसरी। साथ ही राहुल गांधी ने सरकार पर पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया और दावा किया कि चीन ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। जिसपर सरकार ने चुप्पी साध रखी है।

राहुल गांधी ने कहा, चीन ने चार हजार किलोमीटर ले लिए, बीस जवान शहीद हुए, लेकिन विदेश सचिव चीन के राजदूत के साथ केक काट रहे हैं। चीनी दूतावास में क्या हमारे सैनिकों की शहादत का केक काटने गए थे विक्रम मिसरी। बता दें कि केक काटने वाली एक फोटो चीन के एंबेसडर ने 1 अप्रैल को पोस्ट की थी।

एलएसी की स्थिति पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, यथास्थिति बनी रहनी चाहिए और हमें अपनी जमीन वापस मिलनी चाहिए। मुझे यह भी पता चला है कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने चीन को पत्र लिखा है। हमें यह बात अपने लोगों से नहीं बल्कि चीनी राजदूत से पता चल रही है जो यह बात कह रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगाया और दावा किया कि चीन ने भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है, जिस पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। इससे सदन में तीखी बहस छिड़ गई। राहुल का बयान उस संदर्भ में है, जब हाल ही में भारत और चीन के संबंध के 75 साल पूरे हुए और इसके अवसर पर चीनी दूतावास में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री शामिल हुए थे।

रहालु गांधी पर अनुराग ठाकुर का पलटवार

वहीं, अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि अक्साई चिन किसकी सरकार में चीन के पास गया है। तब हिंदी चीनी भाई-भाई कहते रहे और आपकी पीठ में छुरा खोंपा गया। डोकलाम की घटना के समय कौन चीन के अधिकारियों के साथ चाइनीज सूप पी रहा था और सेना के जवान के साथ खड़े नहीं हुए।

राजीव गांधी फाउंडेशन पर भी उठाया सवाल

अनुराग ठाकुर ने आगे कहा, जिस संस्था ने चीन के अधिकारियों से पैसा लिया था, क्या राजीव गांधी फाउंडेशन ने पैसा नहीं लिया है, क्यों लिया गया वो पैसा। डोकलाम के समय में चीन को मुंह तोड़ जबाव दिया गया था और रक्षामंत्री के साथ साथ पीएम भी सीमा के जवानों के साथ खड़े थे। हम कह सकते हैं कि एक इंच जमीन भी पीएम मोदी के समय में चीन के हाथ में नहीं गई है। इन लोगों को जवाब देना होगा कि राजीव फाउंडेशन ने पैसा क्यों लिया था?

KK Sagar
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